द फॉलोअप डेस्क
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा है। उन्होंने कहा, "रामगढ़ के करमा प्रोजेक्ट में हुए दर्दनाक हादसे की ख़बर सुनकर मन अत्यंत व्यथित और आक्रोशित है। कोयले की अवैध खदान में हमारे कई श्रमिक भाइयों के दबे होने की आशंका है। मैं ईश्वर से उनकी सलामती की प्रार्थना करता हूं और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।"
उन्होंने आगे कहा, "लेकिन यह कोई हादसा नहीं, यह हत्या है। यह हत्या उस भ्रष्ट और निकम्मी सरकार की लापरवाही से हुई है, जो दिन के उजाले में चल रहे इस अवैध कारोबार से अपनी आंखें मूंद बैठी है। कब तक झारखंड के गरीब यूं ही अपनी जान गंवाते रहेंगे? रामगढ़ हो या धनबाद, हजारीबाग हो या बोकारो, चौतरफ़ा मौत का यह काला कारोबार फल-फूल रहा है और राज्य सरकार दावा करती है कि उसे कुछ पता नहीं। जबकि हर एक जान की ज़िम्मेदार यह राज्य सरकार है।
बाबूलाल मरांडी ने कहा, "अपराध किसके संरक्षण में हो रहा है, यह किसी से छुपा नहीं है। यह पूरी तरह से पुलिस और सरकारी संरक्षण में हो रहा है। जब राज्य को ही एक अवैध डीजीपी चला रहे हों, तो फिर किससे क्या ही पूछना? सीसीएल ने खदान बंद कर दी, लेकिन राज्य सरकार के नाक के नीचे माफिया ने उसे फिर से शुरू कर दिया। यह सरकार की नाकामी नहीं, तो और क्या है?" उन्होंने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा, "यह मौत का सिलसिला अब बंद होना चाहिए। इस सरकार को हर एक जान का हिसाब देना होगा।"
