द फॉलोअप डेस्कः
झारखंड में गैर सूचीबद्ध न्यूज चैनल/यूट्यूब न्यूज चैनल/न्यूज पोर्टल के सत्यापन को लेकर रांची सिटी एसपी ने प्रेस क्लब के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। वहीं कई जिलों के एसपी ने भी इस संबंध में पत्र जारी किए हैं। इसे लेकर कई गैर सूचीबद्ध न्यूज पोर्टल चलाने वालों में रोष व्याप्त है। अब पत्रकारों के समर्थन में भाजपा विधायक दल के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी उतर गये हैं। उन्होंने ट्वीट कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चेतावनी दी है, और कहा है कि अगर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर आपकी सरकार ने प्रहार किया तो भाजपा चुप नहीं बैठेगी।

सत्यापन के नाम पर घोटा जा रहा है पत्रकारिता का गला
बाबूलाल मरांडी ने लिखा है कि "हेमंत सोरेन श्रमजीवी पत्रकारों को अपना कोपभाजन बना रहे हैं और भ्रष्टाचारियों पर विशेष कृपा बरसा रहे हैं। सरकारी लूट तंत्र को उजागर करने वाले, सचिवालय से लेकर पंचायत स्तर तक हो रहे भ्रष्टाचार की पोल खोलने वाले, जनता की समस्याओं पर सरकार से तल्ख़ सवाल पूछने वाले, लोकतंत्र के सजग प्रहरियों पर प्रहार हो रहा है।सत्यापन के नाम पर केवल पत्रकारिता का गला घोंटा जा रहा है। हेमंत जी, लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को हिलाने की कोशिश हुई तो भाजपा चुप नहीं बैठेगी।"

क्या कहा गया है पत्र में
बता दें कि जारी पत्र में विभिन्न जिलों के अधीक्षकों ने कहा है कि झारखंड में ऐसे कई यूट्यूब न्यूज चैनल/न्यूज पोर्टल/न्यूज एप/ इन्टरनेट वेबसाईट हैं जो सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (आई०पी०आर०डी०) से सूचीबद्ध नहीं है। इस तरह के चैनल में 4-5 लोग काम करते हैं एवं उक्त चैनल का आईडी कार्ड धारण कर क्षेत्र में भ्रमणशील रहते हैं। इनका कोई भी पंजीकृत कार्यालय नहीं होता है। ये लोग अपने आप को चैनल का पत्रकार एवं संपादक बताते हुए विधि-व्यवस्था / शांति व्यवस्था संधारण हेतु डयूटी पर तैनात पदाधिकारियों पर दबाव डालने का भी प्रयास करते हैं । इनके दबाव डालने कई बार का प्रयास भ्रामक / गलत ढंग से खबरों को प्रकाशित करने की बात सामने आयी है। 