पांकी
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पांकी विधानसभा क्षेत्र के सकलदीपा गांव में समुदाय विशेष के द्वारा एक आदिवासी बेटी के साथ दुष्कर्म और उनकी दो बहनों के अपहरण किए जाने के मामले में पीड़ित परिवार से जाकर मुलाकात की और पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली। पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद नेता प्रतिपक्ष ने फुलवरिया बाजार टांड़ में आदिवासी महिलाओं और बच्चों के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ आयोजित विशाल आक्रोश महापंचायत सभा को संबोधित भी किया। मरांडी ने कहा कि उक्त गांव में मात्र पांच छह आदिवासी परिवार निवास करते हैं, बाकी अन्य समुदाय के लोग हैं। पीड़ित परिवार ने जो घटनाक्रम बतलाया है, वह कहानी काफी दर्द भरी है। उन्होंने कहा कि बच्ची के साथ फरवरी माह में दुष्कर्म हुआ था। अपराधी के पकड़े जाने के बाद उनके भाई पीड़ित परिवार को धमकी देने लगे। फिर दो-दो लड़कियों को जबरन उठाकर रांची और अन्यत्र जगह ले जाकर महीनों रखा गया।

आदिवासी परिवार अभी भी भय और असुरक्षा के साये में जी रहा है
मरांडी ने आरोप लगाया कि इतना ही नहीं इन्हें बुर्का और हिजाब पहनने के लिए भी दबाव डाला गया। सभी समाज की भांति आदिवासी समाज की भी अपनी संस्कृति, रहन-सहन और खान पान है। इस पर किसी के द्वारा दबाव डालना अनुचित है।
मरांडी ने कहा कि घटना के बाद पूरा आदिवासी परिवार अभी भी भय और असुरक्षा के साये में जी रहा है। उन्होंने जिले के एसपी से पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। इस दौरान चतरा सांसद कालीचरण सिंह, पांकी विधायक शशि भूषण मेहता, प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, जिलाध्यक्ष अमित तिवारी सहित पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
