logo

11वीं-13वीं JPSC की भी CBI जांच हो, CID की छानबीन से बाहर नहीं आएगा सच- बाबूलाल मरांडी

babulal-hemant4.jpg

द फॉलोअप डेस्क, रांची:
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने 11वीं-13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा की CBI जांच की मांग की है। उनका तर्क है कि जिस प्रतियोगी परीक्षा में साक्षात्कार मैनेज किया गया हो, और जिस इंटरव्यू बोर्ड में CID के ADG मनोज कौशिक समेत अन्य IAS अधिकारी शामिल रहे हैं, वहां CID की जांच में निष्पक्षता की उम्मीद कैसे की जा सकती है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच तभी संभव है, जब इसे CBI को सौंप दिया जाये। गौरतलब है कि बाबूलाल मरांडी पहले भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग करते रहे हैं। 

 

 

बाबूलाल मरांडी ने और क्या आरोप लगाए
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि JPSC की 11वीं-13वीं परीक्षा भी रद्द हुई है। इसी परीक्षा में इंटरव्यू बोर्ड को सेट करने की बात TDPL के रामवीर सिंह और अभय तिवारी द्वारा कहे जाने का दावा सामने आया है। इंटरव्यू में अभ्यर्थियों से वसूली के मामले में तत्कालीन सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य के PA ब्रजराम की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। रामवीर सिंह ने यह भी कबूल किया है कि कोड डिकोड कर अभ्यर्थियों को तत्कालीन JPSC अध्यक्ष और सदस्यों द्वारा अपने-अपने बोर्ड में इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता था।

पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कैसे संभव है! 
इंटरव्यू बोर्ड में CID के ADG मनोज कौशिक समेत कई IPS अधिकारी भी शामिल रहे हैं। ऐसे में जब जांच एजेंसी CID के ही अधिकारी भ्रष्टाचार का हिस्सा रहे हों, तो इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कैसे संभव है? बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच तभी संभव है, जब इसकी जांच CBI को सौंपी जाए। यदि साक्षात्कार मैनेज किया गया था, तो साक्षात्कार बोर्ड में शामिल रहे सभी अधिकारियों के बयान दर्ज होने चाहिए और पूरे  मामले की तह तक जाकर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। 
 

Tags - Babulal MarandiHemant SorenJSSC-CGLJPSCCID