द फॉलोअप, रांची
झारखंड में सरकारी नियुक्तियों को लेकर चल रहे विवाद के बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं और पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से कराने की मांग की है।

JPSC और JSSC के शीर्ष अधिकारियों को पद से हटाने की मांग
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने JPSC और JSSC के शीर्ष अधिकारियों को पद से हटाने कथित दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज करने और जांच पूरी होने तक सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नों की तैयारी कराई गई और परीक्षा केंद्रों पर भी गड़बड़ी की गई। उन्होंने दावा किया कि कथित धांधली के कारण योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है।

युवाओं और छात्रों से एकजुट होने की अपील
नेता प्रतिपक्ष ने सीआईडी की शुरुआती जांच का जिक्र करते हुए कहा कि पहले की जांच में सामने आए तथ्यों की भी समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच की दिशा बदलने की कोशिश की गई और सरकार ने ऐसे अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जिनकी भूमिका पर पहले सवाल उठ चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार का असर लंबे समय तक राज्य पर पड़ता है। उन्होंने युवाओं और छात्रों से इस मुद्दे पर एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता झारखंड के भविष्य के लिए जरूरी है।