द फॉलोअप डेस्क, रांची:
CID ने आज JSSC दफ्तर में छापेमारी की है। आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ हो रही है। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे दिखावा और आईवॉश करार दिया है। बाबूलाल मरांडी का आरोप है कि आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ करके केवल खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि 22 फरवरी 2024 से JSSC के चेयरमैन की कुर्सी पर बैठे प्रशांत कुमार पर जांच एजेंसी इतनी मेहरबान क्यों है? बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सिस्टम में भ्रष्ट के रूप में परिचित प्रशांत कुमार से पूछताछ क्यों नहीं की जा रही है? बाबूलाल मरांडी ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी की बात तक नहीं उठ रही है।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर ऐसा क्या है कि प्रशांत कुमार को बचाया जा रहा है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि क्या उनकी गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए?
JSSC में CID की जांच महज़ एक दिखावा और आईवॉश है! सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ करके सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। लेकिन 22 फरवरी 2024 से JSSC के चेयरमैन की कुर्सी पर बैठे प्रशांत कुमार पर CID इतनी मेहरबान क्यों है?
— Babulal Marandi (@yourBabulal) August 17, 2026
सिस्टम में 'भ्रष्ट' के रूप में परिचित होने के बावजूद प्रशांत…
मनोज कौशिक पर बाबूलाल मरांडी के आरोप
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि CID के सर्वेसर्वा मनोज कौशिक को बताना चाहिए कि उन्होंने JSSC के चेयरमैन प्रशांत कुमार पर इतनी मेहरबानी और दरियादिली क्यों दिखाई है? बाबूलाल मरांडी ने सवाल किया कि वो कौन लोग हैं जिन्होंने जांच एजेंसी को प्रशांत कुमार पर हाथ डालने से रोका है। नेता विपक्ष ने कहा कि कहीं एक दागी द्वारा दूसरे दागी को बचाने की रणनीति तो नहीं चल रही है?

एल ख्यांगते का उदाहरण देकर क्या समझाया!
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एल ख्यांगते का उदाहरण हमारे सामने है, जहां भ्रष्ट तंत्र हमेशा बड़े अधिकारियों को बचाने में अपनी ताकत झोंक देता है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड में वही खेल रहा है। उन्होंने कहा कि केवल मोहरों को फंसाने की जगह सरगनाओं को पकड़ा जाना चाहिए, तभी छात्रों का भरोसा कायम कर पाने का रास्ता खुलेगा।