रांची
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य के एक सीनियर पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया है। मरांडी ने दावा किया है कि विधानसभा चुनाव के दौरान झारखंड के एक उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को षड्यंत्रपूर्वक फँसाने की कोशिश की थी।
मरांडी ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर आरोप लगाया कि उस अधिकारी ने किसी को दो बार पैसे देकर दिल्ली और गुवाहाटी भेजा ताकि सरमा को झूठे मामलों में फँसाया जा सके। उन्होंने लिखा कि इस साजिश का प्रमाणों के साथ बहुत जल्द खुलासा किया जाएगा।

मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा – "क्या ये सब नीच काम आपकी जानकारी में हो रहा था या आपकी बिना जानकारी में?" उन्होंने मुख्यमंत्री से स्पष्ट जवाब देने की माँग करते हुए कहा कि ऐसे षड्यंत्रकारी अफसरों पर विश्वास करना आपके लिए भी घातक हो सकता है।
उन्होंने आगे यह भी दावा किया कि राज्य सरकार में ही बैठे कुछ लोगों ने पहले भी हेमंत सोरेन के खिलाफ शिकायतें तैयार कर देशभर में भेजने का काम किया था, जिनमें दस्तावेज़ और साक्ष्य शामिल थे।

बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को सुझाव देते हुए कहा कि वे अपनी एजेंसियों से इस पूरे प्रकरण की जाँच करवाएँ और अगर आवश्यक हो तो वे स्वयं उनसे संपर्क कर पूरे तथ्यों को जान सकते हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए लिखा – “हो सकता है ये सब देखकर आपकी आँख खुल जाए और आस्तीन के साँपों को पहचान पाने में दिक्कत न हो।”
राजनीतिक हलकों में हलचल
मरांडी के इस ट्वीट के बाद झारखंड की सियासत में एक बार फिर उबाल आ गया है। भाजपा इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर हो गई है, वहीं सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस चुनौतीपूर्ण बयान पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या इस कथित षड्यंत्र की जाँच करवाई जाती है या नहीं।
