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बड़ी खबर : राजीव गांधी के हत्यारों को रिहाई, नलिनी गर्भवती थी इसलिए सोनिया ने किया था माफ 

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दिल्लीः 
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में सजा काट रहे सभी दोषियों को रिहा कर दिया है। इसमें नलिनी और पी रविचंद्रन भी शामिल हैं। दोनों ने रिहाई की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था। न्यायाधीश बी. आर. गवई और न्यायाधीश बी. वी. नागरत्ना की पीठ ने कहा कि मामले के दोषियों में से एक आरोपी ए. जी. पेरारिवलन के मामले में शीर्ष अदालत का पहले दिया गया फैसला इन पर भी लागू होता है। सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई को पेरारिवलन को रिहा कर दिया था, जिसने 30 साल जेल में काट लिया था।


2 माह की गर्भवती थी 
नलिनी और रविचंद्रन 30 साल से जेल में थे। जब नलिनी गिरफ्तार हुई थी तब वह दो माह प्रेगनेंट थी। इसलिए सोनिया गांधी ने नलिनी को माफ कर दिया था। उन्होंने कहा था कि नलिनी की गलती की सजा हम उसे कैसे दे सकते हैं जो इस दुनिया में आया भी नहीं है। इस कांड में 26 दोषियों को मृत्युदंड दिया गया था। मई 1999 में सुप्रीम कोर्ट ने 19 लोगों को बरी कर दिया। जो 7 आरोपी बचे थे उसमें से 4 (नलिनी, मुरुगन उर्फ श्रीहरन, संथन और पेरारिवलन) को मृत्युदंड सुनाया और बाकी (रविचंद्रन, रॉबर्ट पायस और जयकुमार) को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। तमिलनाडु के राज्यपाल ने नलिनी की मृत्युदंड को उम्रकैद में परिवर्तित कर दिया था। बाकी आरोपियों की दया याचिका 2011 में राष्ट्रपति ने खारिज कर दिया था। 


1991 में हुई थी हत्या 
21 मई 1991 पूरा देश स्तब्ध हो गया था। करोड़ों लोग सकते में आ गए थे। जिसने भी यह सुना उसे यकीन नहीं हो रहा था देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री की हत्या हो गई। 21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। वह चेन्नई के पास श्रीपेरंबदूर में लोगों से मुलाकात कर रहे थे, उसी दौरान उन्हें फूलों का हार पहनाने के बहाने तेनमोजि राजरत्नम नाम की लिट्टे की महिला आतंकी आगे आई। राजीव गांधी के पास आकर महिला ने उनके पांव छूने नीचे झुकी, इसी दौरान उसने अपने कमर में बंधे बम में विस्फोट कर दिया. धमाका इतना जोरदार था कि हमलावर महिला और राजीव गांधी समेत 16 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।