रांची
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाईक ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जेपीएससी-जेएसएससी मामले पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा कि “हम कितनी गंभीरता से काम कर रहे हैं, यह सीना चीरकर नहीं दिखा सकता।” अशोक बड़ाईक ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी गंभीरता साबित करने के लिए सीना चीरकर दिखाने की जरूरत नहीं है। अगर सरकार वास्तव में गंभीर है, तो पिछले 11 दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हजारों झारखंडी छात्रों की मांगें पूरी करके दिखाए। यही सरकार की सबसे बड़ी परीक्षा है।
पहले जेपीएससी और जेएसएससी की व्यवस्था को ठीक हो
अशोक बड़ाईक ने कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं, “जिस पर हम काम करते हैं, उसे ठीक करके ही दम लेते हैं।” अगर ऐसा है, तो सबसे पहले जेपीएससी और जेएसएससी की व्यवस्था को ठीक कीजिए। वर्ष 2019 के बाद हुई जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल और अन्य सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराइए, फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दोषियों को शीघ्र सजा, 14वीं जेपीएससी मामले में दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई तथा उत्पाद सिपाही भर्ती दौड़ में जान गंवाने वाले युवाओं के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
