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रिम्स टू के निर्माण को मिली स्वीकृति, अब केवल 164 प्रखंड और अंचल में BDO और CO दोनों रहेंगे

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द फॉलोअप, रांची

राज्य सरकार ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में रांची के कांके अंचल स्थित नगड़ी मौजा में रिम्स टू के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। रिम्स टू के निर्माण पर लगभग 4189 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। रिम्स टू परियोजना के संचालन के लिए जागृति पीएमयू का गठन होगा। वित्तीय नियमावली को शिथिल करते हुए IIM रांची को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और XISS रांची को इम्पैक्ट असेसमेंट की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा प्रशासनिक दृष्टि से लिए गए एक अन्य फैसले में राज्य के केवल 164 अंचल और प्रखंड में बीडीओ और सीओ दोनों रहेंगे। शेष 53 अंचलों में केवल सीओ की पोस्टिंग होगी जो बीडीओ का भी काम देखेंगे। इसी तरह 54 प्रखंडों में केवल बीडीओ की पोस्टिंग होगी, जो सीओ का भी काम देखेंगे। केवल बीडीओ या सीओ की पोस्टिंग उन अंचल या प्रखंडों में की जाएगी, जहां 12 से कम पंचायत हैं। सरकार ने यह फैसला राज्य प्रशासनिक सेवा के मूल कोटि के अधिकारियों की कमी को देखते हुए लिया है। कैबिनेट ने इस आशय के प्रस्ताव को आज मंजूरी दी। बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी।

एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में झारखंड सरकार ने राज्य में वीबी जी रामजी योजना को लागू करने की स्वीकृति दी। मालूम हो कि राज्य सरकार केंद्र द्वारा मनरेगा की जगह लायी गयी इस योजना का विरोध कर रही थी। एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग द्वारा प्रोन्नति संबंधी संकल्प संख्या-3286, दिनांक 04.04.2014 में संशोधन की गयी है। ज्ञात हो कि संकल्प संख्या-3286, दिनांक 04.04.2014 राज्य के विभिन्न सेवा संवर्गों में प्रोन्नति हेतु वेतनमान आधारित कालावधि में एकरूपता स्थापित करने के उद्देश्य से जारी किया गया था। इसी संकल्प के आधार पर वर्षों से विभिन्न विभागों के सरकारी सेवकों को प्रोन्नति का लाभ मिलता रहा है। इस संशोधन से अब सचिवालय सेवा के अधिकारियों को प्रोन्नति में आठ साल की जगह लगभग 16 का समय लगेगा।

अब झारखंड में सदर अस्पताल में इंटरर्नशिप कर रहे विदेशी छात्रों को भी स्टाइपेंड मिलेगा. पहले चिकित्सा महाविद्यालयों में इंटर्नशिप करने वाले विदेशी छात्रों को ही स्टाइपेंड मिलता था. कैबिनेट की बैठक में स्वास्थ्य विभाग के इस प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई. चाईबासा के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शशिकांत प्रसाद को सेवा से बर्खास्त करने की मंजूरी दी गई. डॉ शशिकांत प्रसाद 2015 से ही गायब चल रहे थे. झारखंज योजना सेवा नियमावली 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई. कैग की रिर्पोट विधानसभा के अगामी सत्र में सदन में रखने की स्वीकृति दी गई.कार्मिक विभाग के अखिलेश कुमार को भूतलक्षी प्रभाव से प्रोन्नति देने की स्वीकृति दी गई.वाणिज्य कर विभाग के स्वर्गीय जयदेव सदा की सेवा संपुष्ट करते हुए एसीपी और एमएसीपी का लाभ देने की स्वीकृति दी गई.

कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले

-हजारीबाग खान पर्षद और रामगढ़ पर्षद के कर्मियों की बकाया राशि के भुगतान के लिए कैबिनेट ने स्वीकृति दी। हाईकोर्ट के फैसले पर सरकार को यह निर्णय लेना पड़ा है।

-मेडिकल के विदेशी छात्रों को अब सदर अस्पताल में इंटर्नशिप करने पर भी स्टाइपेंड मिलेगा। पूर्व में केवल मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप करने वाले विदेशी छात्रों को स्टाइपेंड देने का प्रावधान था।

-रांची के बिरसा चौक, धुर्वा गोल चक्कर भाया चांदनी चौक सड़क 2.69 किलोमीटर के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 36 करोड़ 30 लाख रुपए की स्वीकृति दी गयी।

-सरायकेला में 0.18 एकड़ झारखंड सरकार की भूमि को उद्योग के लिए मेसर्स रिडकार्ड को 30 साल के लिए सशुल्क लीज बंदोबस्ती की स्वीकृति-• साबेहगंज में -पालाडीह-भोगनाडीह 3.25 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 88 करोड़ 84 लाख की स्वीकृति

- गोविंदपुर- साहेबगंज सड़क में 51.93 किलोमीटर के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 221 करोड़ 41 लाऱखऱ 21 हजार रुपए की स्वीकृति

-झारखंड राज्य निजि विश्वविद्यालय अधिनियम 2024 के तहत चंदनक्यारी(बोकारो) में पेबया ऋषिकेश विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए लेटर ऑफ इंटेंट प्रदान करने की स्वीकृति

 

 

 

 

 

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