कोडरमा:
2 कमरों के मकान में 36.44 लाख का बिल आया है। उपभोक्ता का आरोप है कि पिछले कई महीने से बिल में सुधार कराने के लिए बिजली विभाग के टक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। विभाग ने मदद करने की जगह उन्हें बिजली कनेक्शन काटने का नोटिस जारी कर दिया। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के विद्युत आपूर्ति प्रमंडल (कोडरमा) की ओर से जारी नोटिस में मकान मालिक को 15 दिन के भीतर 36 लाख 44 हजार 364 रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया है।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि रुपये नहीं देने पर कनेक्शन काट दिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
मामला कोडरमा जिले के कोलटेक्स क्षेत्र स्थित एक साधारण से 2 कमरे के मकान की है।

कोडरमा में कई उपभोक्ताओं को परेशानी
गौरतलब है कि कोडरमा में ऐसा यह पहला मामला नहीं है। लखीबागी में महेश पांडेय को 69 लाख 76 हजार 492 रुपये, कानूनगो बीघा की रूपा सामंता को 4 लाख 25 हजार 489 रुपये, रंजीत सिंह को 1 लाख 66 हजार 662 रुपये, सुजानपुर के अनिल कुमार को 1 लाख 33 हजार 419 रुपये, नयाडीह के रामू पासवान को 1 लाख 26 हजार 582 रुपये और राज इंटरनेशनल स्कूल को 1 लाख 6 हजार 827 रुपये का बिल भेजा गया है। बताया जा रहा है कि ये सभी बिल डिस्प्यूटेड बिल श्रेणी में रखे गए हैं, पर महीनों बीत जाने के बावजूद इसमें अपेक्षित सुधार नहीं किया गया है।

मकान की वास्तविक बिजली खपत इतनी नहीं
एक उपभोक्ता स्वरूप सरकार का कहना है कि उनके घर की वास्तविक बिजली खपत नहीं है, बावजूद इसके लाखों रुपये का बिल बना दिया गया है। स्वरूप सरकार का दावा है कि उन्होंने कई बार लिखित आवेदन देकर अधिकारियों से सुधार की मांग की, लेकिन आश्वासन मिला न्याय नहीं। अब कनेक्शन काट देने का नोटिस दिया गया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि 2 कमरे के मकान में 36.44 लाख रुपये की बिजली खपत कैसे हो सकती है।

उपभोक्ताओं की शिकायत पर बिल का सत्यापन!
उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि यह विभाग की ओर से तकनीकी खामी है तो इसे ठीक क्यों नहीं कर लिया गया। उनका कहना है कि विभाग की गलती पर सुधार की पहल नहीं किया जाना, कई गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों पर बिल का सत्यापन किया जाना चाहिए था। बिल की त्रुटि को सुधारा जाना चाहिए था।