रांची
झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों की हड़ताल का बुधवार को तीसरे दिन पटाक्षेप हो गया। यह निर्णय राज्य सचिवालय में आयोजित एक अहम बैठक के बाद लिया गया, जिसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने की।
बैठक में भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री राजीव रंजन सिंह, एंबुलेंस कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नीरज तिवारी और सेवा संचालित करने वाली संस्था 'सम्मान फाउंडेशन' के प्रतिनिधि उपस्थित थे। वार्ता में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर सहमति बनी और कई अहम निर्णय लिए गए।

बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय:
• कर्मचारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत तय न्यूनतम वेतन दिया जाएगा।
• भविष्य निधि (PF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESIC) जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा।
• जिन कर्मचारियों को निलंबित किया गया था, उन्हें पुनः सेवा में लिया जाएगा।
• राज्य में 269 नई एंबुलेंस सेवाओं की शुरुआत की जाएगी, जिससे आपातकालीन सेवाएं और मजबूत होंगी।
इन फैसलों के बाद सभी जिलों में एंबुलेंस कर्मचारी काम पर लौट आए हैं और सेवाएं सामान्य रूप से फिर से शुरू हो गई हैं। इससे मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिलने की उम्मीद है।
ज्ञात हो कि बीते कुछ दिनों से लगभग 2500 कर्मचारी 'सम्मान फाउंडेशन' के साथ उत्पन्न विवाद के कारण कार्य बहिष्कार पर थे, जिससे राज्यभर में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई थीं। अब सरकार द्वारा मांगें माने जाने के बाद सेवाओं के स्थायित्व की उम्मीद जताई जा रही है।
