द फॉलोअप डेस्क
झारखंड की ‘जीवनदायिनी’ कही जाने वाली 108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने एम्बुलेंस सेवा संचालन करने वाली संस्था सम्मान फाउंडेशन पर गंभीर आरोप लगाये हैं, कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान में प्रबंधन की भ्रष्टाचार, तानाशाही और आर्थिक शोषण के कारण उन्हें भुखमरी जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। आजीविका चलाना, बच्चों की स्कूल फीस भरना और लोन चुकाना जैसी बुनियादी जरूरतें भी कर्मचारियों के लिए कठिन हो गई हैं। झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ, सम्बद्ध भारतीय मजदूर संघ (BMS) के नेतृत्व में कर्मचारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने बताया कि सेवा संचालन संस्था सम्मान फाउंडेशन लगातार श्रम कानूनों की धज्जियाँ उड़ा रही है, और 30 जुलाई 2025 को हुए समझौते सहित कई महत्वपूर्ण समझौतों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो राज्यभर के कर्मचारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इसी क्रम में आगामी 13 मार्च को सभी कर्मचारी रांची स्थित श्रम भवन के समक्ष घेराव और महाप्रदर्शन करेंगे।

108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों से मिली जानकारी के अनुसार फरवरी 2025 से अक्टूबर 2025 तक कर्मचारियों के वेतन से PF/ESI की कटौती नहीं की गई। नवंबर माह में कटौती की गई राशि भी कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों में जमा नहीं कराई गई, तथा दिसंबर माह में वेतन से कटौती करने के बावजूद पूरी राशि जमा नहीं की गई है। फरवरी माह से लगातार वेतन भुगतान में देरी और मनमानी कटौती के कारण कर्मचारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। वर्ष 2017 से 2023 तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को अब तक Ziqitza Health Care Limited, मुंबई द्वारा ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया गया है। 100 किमी से अधिक IFT (Inter Facility Transfer) चलाने वाले कर्मचारियों को न तो भोजन भत्ता दिया जा रहा है और न ही ओवरटाइम। प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने कहा कि संघ द्वारा कई बार श्रमायुक्त एवं संबंधित विभागों को पत्र भेजकर समस्या के समाधान की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यदि 12 मार्च तक कर्मचारियों की मांगों पर न्यायोचित समाधान नहीं हुआ, तो 13 मार्च को राज्यभर के कर्मचारी श्रम भवन, रांची के समक्ष घेराव एवं महाप्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
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