द फॉलोअप डेस्क
दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ओबीसी अधिकारों और उनके अनुपातिक प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर आयोजित ऐतिहासिक सम्मेलन में सामाजिक न्याय की नई इबारत लिखी गई। इस विशाल आयोजन में कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक सुश्री अंबा प्रसाद और पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव ने सैकड़ों समर्थकों संग भाग लिया। बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के केरेडारी, बड़कागांव और पतरातू प्रखंडों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे और राहुल गांधी के ओबीसी अधिकारों को लेकर किए गए संकल्प को पूरा समर्थन दिया।
अपने संबोधन में अंबा प्रसाद ने कहा, “राहुल गांधी जी का यह संकल्प न केवल कांग्रेस के इतिहास में, बल्कि भारत के सामाजिक उत्थान में मील का पत्थर है। यह ओबीसी समुदाय को उनका हक दिलाने और समावेशी समाज की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।” पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने कहा कि राहुल गांधी ने साहसिक कदम उठाकर एक ऐतिहासिक लड़ाई की शुरुआत की है, जो हर वंचित वर्ग के अधिकारों से जुड़ी है।

कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के इस संकल्प को "ऐतिहासिक और निर्णायक" बताया। अंबा प्रसाद ने आह्वान किया कि इस संदेश को घर-घर तक पहुँचाया जाए और ओबीसी समुदाय को उनके संवैधानिक अधिकारों के लिए जागरूक किया जाए। कार्यक्रम में हजारीबाग जिला और विभिन्न प्रखंडों के सैकड़ों नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
मोहम्मद दिलदार अंसारी, रविंद्र कुमार गुप्ता, चंदन कुमार गुप्ता, मकसूद अंसारी, सफर राजा, मोहन साव, विनोद साव, भोला प्रसाद साव, उमेश कुमार साव, नेमीचंद कुमार, बिपिन कुमार, संतोष साव, विक्रम प्रसाद गुप्ता, अतुल प्रसाद, मिथिलेश प्रसाद, अशोक कुमार, शिवकुमार प्रसाद, तेजनाथ महतो, अजय प्रसाद, विनोद पासवान, विजय पासवान, मो. अकबर, मो. जिलानी अंसारी सहित कई अन्य कार्यकर्ता।
