रांची
झारखंड में छात्रों पर झामुमो-कांग्रेस सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का असर सोशल मीडिया पर देखने को मिल रहा है। इस संबंध में भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि झारखंड सरकार द्वारा छात्रों पर की गई क्रूरता गलत है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा अपने जन्मदिन जैसे खास अवसर पर छात्रों के साथ किए गए हिटलरशाही रवैए और राहुल गांधी के इस संदर्भ में किए गए ट्वीट को जनता समझ रही है। दिखावे के लिए राहुल गांधी ने छात्रों पर लाठीचार्ज को गलत बताया तो राज्य सरकार ने उनके ट्वीट के बाद फिर तीन बार छात्रों पर अंधेरे का फायदा उठाकर लाठीचार्ज किया। 10 अगस्त की यह तारीख झारखंड कभी नहीं भूलेगा।

प्रदेश महामंत्री ने क्या-क्या आरोप लगाया
प्रदेश महामंत्री ने आरोप लगाया कि यह सरकार अब जनभावनाओं से नहीं, दमन और तानाशाही से शासन करना चाहती है। अपने हक और अधिकार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे झारखंडी छात्रों पर पुलिसिया बर्बरता और लाठीचार्ज कर झारखंड को कलंकित किया गया है। सरकार की दमनकारी नीतियों और छात्रों की आवाज़ दबाने के इस शर्मनाक प्रयास का भाजपा पुरजोर विरोध करती है। सरकार को याद रखनी चाहिए कि लाठियों से आवाज़ दबाई जा सकती है, लेकिन युवाओं के हक की लड़ाई नहीं। यह लड़ाई किसी एक छात्र की नहीं, झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य और अधिकार की लड़ाई है। यह लड़ाई सड़क से सदन तक जारी रहेगी। झारखंड सरकार को युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का हिसाब देना होगा। इन आंसुओं और इस अत्याचार का हिसाब देना होगा।

पूछा कि क्या झारखंड में अघोषित आपातकाल लागू है?
बाउरी ने पूछा कि क्या झारखंड में अघोषित आपातकाल लागू है? 10 अगस्त की सुबह 10:30 बजे से आदित्य साहू, बाबूलाल मरांडी सहित अन्य वरीय नेताओं एवं विधायकों को खेलगांव परिसर में ताला लगाकर 11 घंटे रोक कर रखा गया। भाजपा नेताओं का कसूर सिर्फ इतना था कि इन्होंने छात्रों के हक में आवाज उठाई। बाउरी ने कहा कि झामुमो कांग्रेस सरकार ने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे झारखंड के छात्रों के आंदोलन को अपनी दमनकारी नीतियों से कलंकित करने का प्रयास किया है। इसकी कीमत इन्हें चुकानी ही होगी। यह आंदोलन लक्ष्य तक पहुंच कर ही रुकेगा।
