द फॉलोअप डेस्क
कल राज्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर पूर्व मुख्य सचिव अलका तिवारी की नियुक्ति के साथ पिछड़ा वर्ग आयोग ने आज नगर विकास एवं आवास विभाग को ट्रिपल टेस्ट की रिपोर्ट सौंप दी। जानकारी के अनुसार आयोग ने संत जेवियर्स कॉलेज की टीम द्वारा तैयार रिपोर्ट की समीक्षा के बाद विभाग को अपनी अद्यतन रिपोर्ट सौंपी है। इसमें इसमें बीसी-1 और बीसी-2 की लगभग 48 फीसदी आबादी बतायी गयी है। एसटी-एससी के मामले में आयोग ने सरकार पर निर्णय लेने का अधिकार छोड़ा है। इसके अलावा कुछ अन्य त्रुटियों को भी दूर किया गया है। इसकी पुष्टि आयोग के सदस्य नंद किशोर मेहता ने की।

इस तरह अब राज्य में नगर निकायों के चुनाव को लेकर सरकार एक कदम और आगे बढ़ी है। मालूम हो कि 14 अक्तूबर को झारखंड हाईकोर्ट में नगर निकाय चुनाव को लेकर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई में झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने राज्य में नगर निकायों का चुनाव नहीं कराने के मामले में दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान कड़ी फटकार लगायी थी। कोर्ट ने मुख्य सचिव अलका तिवारी, वंदना डाडेल, नगर विकास विभाग के तत्कालीन सचिव विनय कुमार चौबे और अपर सचिव ज्ञानेंद्र कुमार के खिलाफ नोटिस जारी किया था। अदालत ने अगली सुनवाई के दौरान सभी अधिकारियों को सशरीर हाजिर होने का निर्देश दिया था। हालांकि अलका तिवारी और ज्ञानेंद्र कुमार रिटायर हो चुके हैं। अब 14 अक्तूबर को सुनवाई के दौरान अदालत का क्या रुख या आदेश होता है, यह देखने वाली बात होगी।
