जामताड़ा
नगर पंचायत में विकास योजनाओं और राजस्व को लेकर राजनीति गरमा गई है। बुधवार को जामताड़ा नगर पंचायत के अध्यक्ष प्रतिनिधि तरुण गुप्ता और कई वार्ड पार्षदों ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान उन्होंने पूर्व के नगर पंचायत कार्यकाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए विकास कार्यों में भारी अनियमितता की बात कही है। उन्होंने करोड़ों की लागत से बने विद्युत शवदाह गृह के शो-पीस बनने पर उच्च स्तरीय जांच की घोषणा की, साथ ही बस स्टैंड बंदोबस्ती में पारदर्शिता के जरिए रिकॉर्ड 10 लाख रुपये से अधिक का राजस्व मिलने का दावा किया।

शवदाह गृह निर्माण में धांधली की जांच होगी
अध्यक्ष प्रतिनिधि तरुण गुप्ता ने कहा कि 14वें वित्त आयोग के फंड से करोड़ों रुपए की लागत से विद्युत शवदाह गृह का निर्माण कराया गया था। इसका भव्य उद्घाटन भी हुआ, लेकिन आज तक यहाँ एक भी शव का दाह संस्कार नहीं हो सका। आरोप है कि शवदाह गृह में जो मशीनें लगाई गई हैं, वे बेहद घटिया क्वालिटी की हैं, जिसके कारण यह आज सिर्फ एक शो-पीस बनकर रह गया है। जनता को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने घोषणा की कि जिस भी विभाग या निर्माण एजेंसी ने इसे बनाया है, उसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
बस स्टैंड बंदोबस्ती से राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
हाल ही में खुद पर लगे आरोपों का जवाब देते हुए तरुण गुप्ता ने कहा कि पिछले कार्यकालों में बस स्टैंड की बंदोबस्ती महज 3 से 4 लाख रुपए में कुछ चुनिंदा लोगों के बीच कर दी जाती थी। लेकिन इस बार पूरी पारदर्शिता बरतते हुए, वीडियोग्राफी के माध्यम से सार्वजनिक रूप से बंदोबस्ती की गई, जिससे नगर पंचायत को 10 लाख रुपए से अधिक का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले 18 वर्षों से जनता को लूटा जा रहा था, लेकिन अब विकास और न्याय का दौर शुरू हो चुका है।
हर महीने मीडिया के सामने आएगा विकास का लेखा-जोखा
प्रेस वार्ता के दौरान वार्ड पार्षदों ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक नई और अनूठी पहल की घोषणा की। अब से हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच सभी वार्ड पार्षद संयुक्त रूप से मीडिया के सामने आएंगे और नगर क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का पूरा लेखा-जोखा जनता के समक्ष रखेंगे। मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधि: इस प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से वार्ड पार्षद आलोक किसको, झंटू शाह, दीनबंधु सिंह, उत्तम रवानी, सजल दत्ता, विजय राउत और मधुसूदन चंद्र सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।