द फॉलोअप डेस्क
आजसू का 40 वां स्थापना दिवस डॉ रामदयाल मुंडा सभागार मोरहाबादी मे मनाया गया। आज के स्थापना दिवस समारोह में छोटनागपुर, संथाल परगना, ओडिसा, पश्चिम बंगाल, सहित झारखंड के सभी जिलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। आज स्थापना दिवस समारोह मे मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड राज्य मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति त्रिवेणी नाथ साहू ने झारखंड आंदोलनकारी साथी और जो आंदोलनकारी की मृत्यु हो चुकी है उनके परिवार के सदस्यों को आंदोलनकारी सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया, साथ ही झारखंड राज्य गठन के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए पुनः संघर्ष करने की बात कही।
आज के विशिष्ठ अतिथि मे आंदोलन को मदद करने वाले पत्रकारों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया जिसमें अनुज कुमार सिन्हा, शफीक अंसारी, किशलय, स्वर्गीय कमल किशोर भगत को मरणोपरांत “निर्णायक झारखंड आंदोलन के नायक” से सम्मानित किया गया। स्वर्गीय भगत की पत्नी नीरू शांति भगत ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि अभी निर्णायक लड़ाई शेष है। फिल्मों के द्वारा झारखंड की संस्कृति की रक्षा करने वाले मेघनाथ भठ्ठाचार्य, प्रबल महतो, जैसे कई लोगों का सम्मानित किया गया। और सबसे पहले मुख्य अतिथि द्वारा झारखंड के महानायक समाज भाषा संस्कृति के रक्षक और आजसू के मार्गदर्शक सह झारखंड पीपुल्स पार्टी संस्थापक अध्यक्ष डॉ रामदयाल मुंडा के नाम सम्मान में स्मृति पत्र जारी किया गया। सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व अध्यक्ष ललित महतो ने कहा कि भाषा, संस्कृति और खतियान, झारखंडियों को पहचान के नारे को फिर से बुलंद किया जाये।
आज 40 वे स्थापना दिवस के अवसर पर बृहत झारखंड राज्य के लिए लोगों के द्वारा आंदोलन शपथ लिया गया। संस्थापक महासचिव ने कहा कि युवाओं को फिर से बागडोर सौपने का समय आ गया है। हम सभी मार्गदर्शन की भूमिका में रहेंगे। ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन के पहचान को वापस लाने की ज़रूरत है। इस समारोह में सबसे महत्वपूर्ण और मुख्य निर्णय लिया गया कि सन 2025 के अंत से पहले आजसू का पुनर्गठन कर नए छात्र नवजवानों को कमान सौंपा जाएगा और बृहत झारखंड और झारखंड राज्य के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आर पार की लड़ाई जारी रहेगी।