द फॉलोअप डेस्क
रांची नगर निगम के कर्मियों का हड़ताल शनिवार से समाप्त हो गया। इसकी घोषणा शनिवार को रांची नगर निगम कर्मचारी संघ की ओर से की गई है। दरअसल अपर नगर आयुक्त ने उनकी मांगों को लेकर संघ के प्रतिनिधि को बैठक के लिए बुलाया था। जिसमें संघ के अध्यक्ष नरेश राम के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर नगर आयुक्त के साथ बैठक की। प्रतिनिधिमंडल में शशिकांत कुमार, गिरीश प्रसाद, राकेश राम, दीपक रजक, ओंकार पांडेय, मुन्नी टोप्पो, सीमा कुमारी और गोपाल गोप आदि शामिल थे। वार्ता के दौरान संघ द्वारा निगम के पदाधिकारियों को बताया गया कि 15 दिन पूर्व ही हड़ताल की सूचना दी गई थी। मगर संघ की मांग पत्र के संबंध में अभी तक सरकार को सूचना नहीं दी गई। संघ के अध्यक्ष के अनुसार इस पर अपर नगर आयुक्त द्वारा खेद व्यक्त किया। साथ ही कहा गया कि 15 दिनों के अंदर सरकार को संघ की मांगों के संदर्भ में पत्र देकर जल्द से जल्द संघ कार्रवाई का अनुरोध किया जाएगा।

…तो 11 मार्च से होगा अनश्चितकालीन हड़ताल
संघ की सभी मांगे सरकार स्तर से देय है। इस पर नगर विकास एवं आवास विभाग को निर्णय लेना है। ऐसे में संघ की ओर से कहा गया है कि 10.03.2023 तक मांगें पूरी नहीं हुई तो पुनः 11.03.2023 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जानें को विवश होंगे। संघ अपनी मांगों को लेकर सहानुभूतिपूर्वक आंदोलन करती रहेगी। संघ के पदाधिकारियों को अनुसार इसके तहत 14.02.2023 को नगरीय प्रशासन निदेशालय के समक्ष एक दिवसीय धरना व प्रदर्शन किया जाएगा।
जन्म-मृत्यु प्रमाण सहित अन्य काम हो रहे थे बाधित
नगर निगम के कर्मचारियों के द्वारा गुरुवार से हड़ताल किए जाने पर काम पूरी तरह से बाधित रहा। मृत्यु प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र बनाने सहित अन्य कार्य के लिए आए लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। स्ट्रीट लाइट सहित अन्य शिकायत करने आए लोग भी वापस लौटे। तीन दिनों में सैकड़ों लोगों को परेशानी हुई। मगर अब हड़ताल खत्म हो जाने से सोमवार को कार्यालय अन्य दिनों की तरह सुचारू रूप से चलेगा। पेंडिंग काम भी तेजी से निपटाने का प्रयास किया जाएगा।

यह है कर्मचारियों की मांगें
- अनुकंपा के आधार पर तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग में पद स्वीकृत नहीं होने से रांची नगर निगम में आश्रितों की नियुक्ति नहीं हो पा रही है। इस प्रक्रिया को शुरू की जाए।
- मृत कर्मचारियों के परिवारों को पारिवारिक पेंशन का लाभ मिले।
- नगर निगम में वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों की पदोन्नति नहीं हो पा रही है। झारखंड के सभी विभागों में तीन वर्षों के उपरांत पदोन्नति देने का प्रावधान है। इस संदर्भ में नियमावली बनाकर यहां के कर्मियों को पदोन्नति दी जाए।
- निगम कर्मियों के बकाये सातवां वेतन 1.04.2019 से अंतर राशि का भुगतान 70% किया जाए।
- राजस्व शाखा एवं बाजार शाखा से निगम को राजस्व आती है. यहां महत्वपूर्ण रिकॉड एवं निगम की संपत्ति की संचिका है। ऐसे में दोनों शाखाओं में किसी भी संविदा कर्मी या नगर प्रबंधक को प्रभार नहीं दिया जाए।
- कर्मियों को ACP एवं MACP का लाभ मिले।
- स्थायी वरीय कर्मियों को सभी शाखा का प्रभारी बनाया जाए।
- 10 वर्षों से ज्यादा कार्य कर रहे दैनिक कर्मियों को स्थायी किया जाए।
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