रामगढ़
रामगढ़ थाना से पुलिस हिरासत में फरार हुए आफताब अंसारी का शव शनिवार देर रात दामोदर नदी से बरामद किया गया। इस घटना के बाद रामगढ़ थाना में हिंदू टाइगर फोर्स के खिलाफ दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इनमें एक प्राथमिकी आफताब की पत्नी सलेहा खातून द्वारा और दूसरी अर्शी गारमेंट्स की संचालिका नेहा सिंह द्वारा दर्ज कराई गई है। पुलिस ने संगठन से जुड़े राजेश सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी अजय कुमार के निर्देश पर चार टीमें बनाई गई हैं। इस बीच, आफताब के फरार होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए आईजी के निर्देश पर रामगढ़ थाना प्रभारी पीके सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
हत्या से पहले मारपीट और धमकी का आरोप
सलेहा खातून ने अपनी शिकायत में कहा कि 23 जुलाई को आफताब अर्शी गारमेंट्स में काम कर रहे थे, तभी एक कार से कुछ लोग पहुंचे और खुद को "हिंदू टाइगर फोर्स" का सदस्य बताते हुए आफताब को दुकान के अंदर पीटने लगे। इसके बाद वे उसे घसीटते हुए बाहर ले गए और वहीं मारपीट जारी रखी। थोड़ी देर बाद पुलिस पहुंची और आफताब को हिरासत में लिया, जिसके बाद से वह लापता था।
नेहा सिंह ने अपनी प्राथमिकी में बताया कि उक्त लोगों ने आफताब पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाकर जान से मारने की नीयत से हमला किया और उसे घसीटते हुए दुकान से बाहर ले गए। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने और उनके कर्मचारियों ने आफताब को बचाने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उनके साथ भी बदसलूकी और छेड़छाड़ की। हमलावरों ने मुस्लिम समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ भी कीं।

नेहा सिंह ने दीपक सिसोदिया की उस फेसबुक पोस्ट का जिक्र भी किया, जिसमें आफताब पर हिंदू युवती को नौकरी के बहाने फँसाकर यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के लिए ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया गया था। इस पोस्ट में दावा किया गया था कि आफताब को पकड़कर पीड़िता को न्याय दिलाया गया है।
नेहा ने यह भी आरोप लगाया कि राजेश सिन्हा ने व्हाट्सएप पर एक संदेश साझा कर उनके दुकान संचालक शमीम अंसारी पर लव जिहाद, देह व्यापार और आर्थिक घोटाले जैसे आरोप लगाए। साथ ही शमीम और आफताब को जान से मारने की धमकी भी दी। नेहा को आशंका है कि यह लोग भविष्य में उनके या उनके स्टाफ के साथ कोई गंभीर घटना कर सकते हैं।
