गिरिडीह:
गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड अंतर्गत जरीडीह गांव में सोमवार को जंगली हाथियों के झुंड ने एक और ग्रामीण की जान ले ली। हाथियों के हमले में 40 वर्षीय उपेंद्र यादव (पिता- टहल महतो) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है, जबकि सरिया और बिरनी क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे हाथियों के आतंक से ग्रामीणों में भय का माहौल है। बताया जा रहा है कि पिछले 1 माह के भीतर हाथियों के हमले में अब तक 4 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा कई घरों, बाउंड्री वॉल और फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

कजरा गढ़ा पर खेत पर हुआ हाथी का हमला
जानकारी के अनुसार उपेंद्र यादव सोमवार को कजरा गढ़ा जंगल के समीप अपने खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान जंगल से निकले हाथियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन दौड़ते समय गिर पड़े। इसके बाद हाथियों ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक अपने पीछे पत्नी निशू देवी और 3 छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार में करीब 10 वर्ष की एक पुत्री तथा 6 और 4 वर्ष के 2 पुत्र हैं। घटना के बाद पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है और उनकी तबीयत भी बिगड़ गई। गांव में शोक की लहर है तथा परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की सूचना मिलते ही बिरनी थाना के एएसआई चंदन तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस ने ग्रामीणों से हाथियों के झुंड से दूर रहने और किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाने की अपील की।

बगोदर विधायक नागेंद्र महतो ने बंधाया ढांढ़स
इधर, घटना की जानकारी मिलते ही बगोदर विधायक नागेंद्र महतो भी जरीडीह गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया तथा प्रशासन और वन विभाग से पीड़ित परिवार को शीघ्र मुआवजा और सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। विधायक ने क्षेत्र में लगातार हो रही घटनाओं पर चिंता जताते हुए हाथियों के आतंक से स्थायी समाधान निकालने की आवश्यकता बताई।
वन विभाग की अपील नहीं मान रहे हैं ग्रामीण
प्रभारी वनपाल अबोध महथा ने बताया कि वन विभाग की टीम सोमवार सुबह करीब 4 बजे से ही गांव में लोगों को सचेत कर रही थी कि हाथियों का झुंड आसपास मौजूद है। लगातार माइकिंग और जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों से हाथियों के पास नहीं जाने की अपील की जा रही थी। इसके बावजूद कुछ लोग हाथियों को देखने के लिए उनके करीब चले गए। उन्होंने बताया कि मृतक भी हाथियों के काफी नजदीक पहुंच गए थे। जान बचाने के दौरान वह गिर पड़े और हाथियों ने उन्हें कुचल दिया।
वन विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद हाथियों के झुंड को गांव से बाहर जंगल की ओर खदेड़ा। वहीं देर शाम बिरनी पुलिस ने भी माइकिंग कर लोगों से घर लौटने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। हालांकि कई ग्रामीण घटनास्थल पर डटे रहे, जिसके बाद पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी।
हाथियों की गतिविधि से ग्रामीणों में दहशत
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का झुंड आए दिन गांवों में प्रवेश कर रहा है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है। लोगों ने वन विभाग से स्थायी समाधान, नियमित गश्ती, शीघ्र मुआवजा और मानव-हाथी संघर्ष रोकने के लिए प्रभावी कार्ययोजना लागू करने की मांग की है।