द फॉलोअप, रांची
पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के आप्त सचिव रहे विवेकानंद राउत के घर पुलिस और वन विभाग की टीम द्वारा शनिवार की सुबह की गयी छापेमारी के बाद राजनीतिक हलके में कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। पुलिस और वन विभाग की टीम विवेकानंद राउत के भतीजे पंकज राउत और दूसरे आरोपी जयपाल राउत को गिरफ्तार करने दुमका के महुआडंगाल स्थित आवास गयी थी। हालांकि छापामारी अभियान के बाद दुमका के डीएफओ सात्विक व्यास ने मीडिया से बातचीत करते हुए सब कुछ स्पष्ट कर दिया। व्यास ने बताया कि 13 फरवरी 2025 को वन विभाग की टीम ने मेसर्स लालजी पटेल के आरा मिल का निरीक्षण किया था। उस समय पाया गया था कि आरा मिल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा बिहार कास्ट अधिनियम की विभिन्न धाराओं और फॉरेस्ट एक्ट की धारा 41 के विरुद्ध संचालित किया जा रहा है। बाद में वन विभाग द्वारा चार्जशीट दाखिल किया गया। उसमें पंकज राउत और जयपाल राउत को आरोपी बनाया गया। उन्हीं दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस और वन विभाग की टीम ने छापेमारी की। हालांकि दोनों फरार हो गए।

स्थानीय लोगों ने छापेमारी का विरोध किया
उसी मुहल्ले में रहनेवाले सेवानिवृत शिक्षक अशोक कुमार का कहना है कि पुलिस और वन विभाग की टीम को देख वे लोग भौंचक्के रह गए। उन लोगों ने छापेमारी टीम से कहा कि वे अदालत का आदेश दिखाएं। लेकिन वे लोग कुछ नहीं दिखाए। उन लोगों का कहना था कि डीएफओ के मौखिक आदेश पर छापेमारी की जा रही है। छापेमार दल ने घर का ताला तोड़ने की भी कोशिश की। लेकिन उन लोगों ने इसका विरोध किया। बाद में सहमति से तलाशी ली गयी, जिसमें कुछ भी नहीं पाया गया। जिला परिषद की सदस्य चिंतामणि देवी ने भी यही बात दुहरायी।

क्षेत्र में कुछ और भी हो रही है चर्चा
हालांकि दुमका और आसपास के क्षेत्र में विवेकानंद राउत के घर हुई छापेमारी को लेकर कई तरह की चर्चा होने लगी है। आम लोगों का कहना है कि पंकज राउत अपने चाचा विवेकानंद राउत के बल पर अक्सर दबंगता दिखाता रहता था। जिस दिन वन विभाग की टीम ने छापेमारी के लिए आरा मिल पहुंची थी, उस दिन भी टीम के साथ इन लोगों ने बुरा व्यवहार किया था। वन क्षेत्र से पेड़ों की अवैध कटाई, सरकारी योजनाओं के चयन और संचालन में दादागिरी की लगातार शिकायतें मिल रही थी। इस कारण जिला प्रशासन परेशान था। इसलिए संभावना जतायी जा रही है कि सरकार के निदेश पर ही पंकज राउत की गिरफ्तारी के लिए विवेकानंद राउत के घर पुलिस और वन विभाग की टीम पहुंची। मालूम हो कि गुरुजी के आप्त सचिव रहे विवेकानंद राउत फिलहाल झारखंड विधानसभा में कार्यरत हैं।
