द फॉलोअप डेस्क
भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड के ऐसे 7 राजनीतिक दलों को सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिन्होंने पिछले 6 वर्षों में एक भी चुनाव नहीं लड़ा है। इस संबंध में राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के.रवि कुमार ने इन सभी दलों को 22 जुलाई को लिखित रूप में अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया था। लेकिन तय समय पर सिर्फ 2 राजनीतिक दल ही सीईओ कार्यालय पहुंचे, जबकि 5 दलों का कोई प्रतिनिधि नहीं आया, न ही उनकी ओर से कोई सूचना दी गयी।
सीईओ कार्यालय पहुंचने वाली पार्टी में जनसाधारण पार्टी और झारखंड विकास दल हैं। इन दोनों दलों के पदाधिकारियों ने शपथपत्र के साथ यह दावा किया कि उनकी पार्टियां सक्रिय हैं और वे राजनीतिक गतिविधियों में लगे हुए हैं। अब चुनाव आयोग इन दोनों दलों द्वारा दिए गए पक्ष की समीक्षा करेगा और आगे का फैसला लेगा। वहीं जो 5 राजनीतिक दल नहीं पहुंचे उनमें भारत विकास मोर्चा, भारतीय जनमुक्ति पार्टी, मानव मुक्ति मोर्चा, नवजवान संघर्ष मोर्चा और राष्ट्रीय मजदूर किसान प्रजातांत्रिक पार्टी शामिल हैं।
इन दलों को पहले ही सूचना भेज दी गई थी कि वे 15 जुलाई तक शपथपत्र के साथ लिखित पक्ष भेजें और 22 जुलाई को सीईओ के सामने उपस्थित हों। लेकिन तय समय पर न आने के कारण अब इन 5 दलों को सूची से हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक, यदि कोई दल लंबे समय तक चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेता है और सक्रिय नहीं रहता, तो उसे पंजीकृत राजनीतिक दलों की सूची से बाहर कर दिया जाता है।
