जामताड़ा
जामताड़ा पुलिस ने तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रीतम दास, विनोद दास और मोहम्मद तुफान उर्फ तुफान अंसारी के रूप में हुई है. इनमें प्रीतम दास और विनोद दास सगे भाई हैं, जबकि तुफान अंसारी उनका सहयोगी बताया जा रहा है. ये सभी लोग खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने वाले साइबर फ्रॉड गिरोह से जुड़े थे.

डेबिट-क्रेडिट कार्ड बंद होने का देते थे झांसा
पुलिस के अनुसार, ये आरोपी लोगों को फोन कर यह झांसा देते थे कि उनके डेबिट या क्रेडिट कार्ड बंद हो जाएंगे या उन्हें तुरंत एक्टिवेट करने की जरूरत है. इसी बहाने वे लोगों से ओटीपी, सीवीवी और पिन जैसी गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे और फिर ई-वॉलेट के जरिए उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे. इसी साइबर ठगी में उनकी संलिप्तता के चलते पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है.

10 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद
गिरफ्तारी की कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई. पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह को सूचना मिली थी कि करमाटांड़ थाना क्षेत्र के कुछ गांवों में साइबर ठगी की गतिविधियां चल रही हैं. इसके बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल और पुलिस निरीक्षक चन्द्रमणि भारती के नेतृत्व में कार्रवाई शुरू की गई. इस टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के ग्राम पिण्डारी, सकलपुर और तिलैया (केन्दुआटांड़) में एक साथ छापेमारी की और रणनीतिक घेराबंदी करते हुए तीनों आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया. उनके पास से 10 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद किए गए, जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सक्रिय किए गए थे और साइबर अपराध में इस्तेमाल हो रहे थे.

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में जामताड़ा साइबर थाना कांड संख्या 31/26 (दिनांक 30.05.2026) दर्ज किया है. आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके बैंक खातों की भी गहन जांच कर रही है.
