गढ़वा
गढ़वा जिले में जंगली हाथियों के आतंक से 17 परिवारों ने अपना घर छोड़ दिया है. मेराल थाना क्षेत्र के बहेरवा गांव के ये परिवार जंगल से बाहर आकर शरण लेने को मजबूर हैं, लेकिन अब भी उनकी मुश्किलें कम नहीं हुई हैं. भीषण गर्मी और हीट वेव ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है. प्लास्टिक से बने झोपड़ीनुमा घरों में रह रहे ये परिवार अत्यधिक तापमान के कारण कठिन जीवन जीने को विवश हैं, वहीं बच्चों की तबीयत भी खराब होने लगी है.
2 सालों से गांव में हाथियों का तांडव
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो वर्षों से गांव में जंगली हाथियों का आतंक बना हुआ है. हाथियों ने कई घरों को नुकसान पहुंचाया, जिससे डरकर 17 परिवारों ने अपना सब कुछ छोड़कर मेराल प्रखंड के गेरूवासोती गांव के पास चट्टान के समीप शरण ली है. यहां सभी परिवार अस्थायी झोपड़ियां बनाकर रह रहे हैं. एक पीड़ित ग्रामीण ने बताया कि जंगल में हाथियों का डर था, तो बाहर आकर हीट वेव की मार झेलनी पड़ रही है. उसने भावुक होकर कहा कि अब समझ नहीं आ रहा कि जाएं तो जाएं कहां. यह कहते हुए उसकी आंखों से आंसू बहने लगे, जिसका दृश्य बेहद मार्मिक था. वर्तमान में गढ़वा जिले का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. सुबह से ही तेज गर्म हवाएं चलने लगती हैं, जिससे झोपड़ियों में रहना मुश्किल हो गया है और बच्चे बीमार पड़ रहे हैं. इस मामले पर गढ़वा के नए उपायुक्त अनन्य मित्तल ने कहा कि उन्हें इस स्थिति की जानकारी मिली है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही मेडिकल टीम को वहां भेजा जाएगा और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा.
