हजारीबाग
हजारीबाग में CID की कार्रवाई ने एक ऐसे कथित परीक्षा घोटाले की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं, जिसने सफलता, भरोसे और सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस कामयाबी को कभी मेहनत और संघर्ष की कहानी के तौर पर पेश किया गया था, अब उसी से जुड़े लोगों पर प्रतियोगी परीक्षाओं में सेटिंग और अवैध नेटवर्क चलाने के आरोपों की जांच हो रही है। CID की छापेमारी और बरामद दस्तावेजों ने पूरे मामले को एक बड़े परीक्षा सिंडिकेट की दिशा में मोड़ दिया है। पूरे नेटवर्क का संचालन दो भाइयों प्रदीप यादव और लालू यादव के इर्द-गिर्द केंद्रित था। आइए इस पूरे नेटवर्क को विस्तार से समझते है। 
सुबह 6 बजे CID की दबिश, 5 घंटे तक चली तलाशी
सोमवार सुबह करीब 6 बजे CID की विशेष टीम ने हजारीबाग के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित पौता गांव में एक मकान पर छापेमारी की। इस दौरान मुफस्सिल, लोहसिंघना, कोर्रा और सदर थाना की पुलिस भी मौके पर तैनात रही। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर करीब पांच घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। अधिकारियों ने घर के कमरों, अलमारियों और लॉकरों की बारीकी से तलाशी ली तथा परिजनों से पूछताछ की। इसके बाद जांच का दायरा बड़कागांव क्षेत्र तक बढ़ाया गया, जहां देर रात तक कई स्थानों पर छापेमारी जारी रही।
दो भाइयों की भूमिका पर CID की नजर
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पूरे नेटवर्क का संचालन दो भाइयों प्रदीप यादव और लालू यादव के इर्द-गिर्द केंद्रित था। जांच एजेंसी को संदेह है कि एक भाई ने प्रतिष्ठित JPSC परीक्षा में सफलता हासिल कर समाज में विश्वसनीय पहचान बनाई, जबकि दूसरा भाई पर्दे के पीछे रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित सेटिंग कराने वाले गिरोह का संचालन करता था। एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या इसी भरोसे का इस्तेमाल अन्य अभ्यर्थियों को प्रभावित करने और अवैध लेन-देन के लिए किया गया।
ब्लैंक चेक और एडमिट कार्ड सहित कई दस्तावेज जब्त
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान CID को बड़ी संख्या में हस्ताक्षरित और ब्लैंक बैंक चेक, उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े कई अभ्यर्थियों के मूल एडमिट कार्ड तथा अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज मिले हैं। जांच एजेंसी इन दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित रूप से नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से आर्थिक लेन-देन किया गया था या नहीं। CID ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ एक गोपनीय स्थान पर की जा रही है। जब्त किए गए एडमिट कार्ड, रोल नंबर और बैंक दस्तावेजों के आधार पर संभावित लाभार्थियों तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।.jpeg)
बढ़ सकता है जांच का दायरा
जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बिचौलियों, सहयोगियों और संभावित प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। फिलहाल CID पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।