रांची
झारखंड आंदोलन के प्रणेता और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर है। वहीं, शोकाकुल परिवार से उनकी बहू और भाजपा नेत्री सीता सोरेन ने गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि शिबू सोरेन केवल एक राजनीतिक हस्ती नहीं, बल्कि परिवार के लिए जीवनदायी शक्ति थे।
सीता सोरेन ने कहा, "बाबा सिर्फ हमारे घर के मुखिया नहीं थे… वे हमारे जीवन के प्रकाश थे। हमारे अपने, हमारे मार्गदर्शक, और हमारे सबसे बड़े सहारे। आज जब वो हमारे बीच नहीं हैं, तो ऐसा लग रहा है जैसे एक पूरा युग समाप्त हो गया हो। उनके बिना ये घर वैसा नहीं रहेगा… उनकी हँसी, उनका स्नेह, उनकी डांट तक, सब कुछ अब यादों में रह गया है।"

उन्होंने कहा कि झारखंड ने जहां एक महान सपूत को खोया है, वहीं हमने अपना गुरू, पिता और जीवनदाता खो दिया है। "बाबा ने हमें जो मूल्य सिखाए, जो परंपराएं स्थापित कीं और जो सम्मान कमाया, हम उसे संजोकर रखेंगे। उनकी विरासत को आगे ले जाना अब हमारा धर्म है," सीता ने कहा।
अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, "आपकी बड़ी बहू होने के नाते मेरा सिर गर्व से ऊँचा है, लेकिन दिल आज टूट गया है। आप हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे, बाबा। आपकी यादें, आपकी बातें, आपकी छाया… कभी मिट नहीं सकती।" अंत में उन्होंने कहा, "आपका आशीर्वाद हमारे जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है। हम आपको कभी अलविदा नहीं कह सकते…" शिबू सोरेन के निधन से झारखंड की राजनीति और समाज में एक खालीपन पैदा हो गया है जिसे भर पाना मुश्किल होगा।
