द फॉलोअप डेस्क
राजधानी रांची का सदर अस्पताल एक बार फिर चर्चा में है। आयुष्मान भारत – मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत देशभर में सबसे ज्यादा मरीजों को इलाज का लाभ पहुंचाने वाला अस्पताल बन गया है। इसके साथ ही अस्पताल को अच्छी कमाई भी हो रही है। अब तक 2,02,859 मरीजों ने रांची सदर अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराया है। इनका खर्च अस्पताल ने योजना के तहत कवर किया। अस्पताल ने 115 करोड़ रुपये का क्लेम सरकार के पास जमा किया है। इसका मतलब यह है कि मरीजों को अपनी जेब से यह पैसा खर्च नहीं करना पड़ा।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के पहले 3 महीनों में ही सदर अस्पताल ने 12 करोड़ रुपए का क्लेम किया है। वहीं, 2023-24 में यह आंकड़ा 32 करोड़ रुपए तक पहुंच गया था। इस दौरान करीब 51,968 मरीजों को योजना का लाभ मिला था। इस योजना से सिर्फ मरीजों को ही नहीं, बल्कि अस्पताल को भी फायदा हो रहा है। क्लेम के पैसों का इस्तेमाल अस्पताल में नई मशीनें खरीदने, सर्जरी की सुविधा बढ़ाने और अस्पताल को सुधारने में किया जा रहा है।
सदर अस्पताल में आयुष्मान योजना से जुड़ी पूरी टीम को इंसेंटिव भी मिल रहा है। इसमें डॉक्टरों से लेकर सफाईकर्मियों तक शामिल हैं। सभी की दिलचस्पी की वजह से ही सबसे ज्यादा केस और भुगतान रांची सदर अस्पताल में ही हो रहे हैं। बता दें कि रांची सदर अस्पताल को 2019 में देश के मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में दूसरा स्थान भी मिला था। बता दें कि आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को रांची से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी।
इस योजना से जुड़े फंड से अब अन्य छोटे अस्पतालों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। अब वहां भी विशेषज्ञ डॉक्टर, सर्जरी की सुविधा, और अच्छी दवाएं उपलब्ध हो रही हैं। रांची सदर अस्पताल आयुष्मान योजना का एक आदर्श मॉडल बन चुका है, जिससे मरीजों, अस्पताल और स्टाफ – सभी को लाभ हो रहा है।
