जमशेदपुर
आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और बाबूलाल मरांडी समेत एनडीए के विधायकों को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे छात्रों पर लाठी बरसाना और विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए जनप्रतिनिधियों को हिरासत में लेना सरकार के तानाशाही चरित्र को उजागर करता है। लोकतंत्र में सवाल पूछना और अपनी मांगों के लिए आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है। सरकार को इस अधिकार का सम्मान करना चाहिए, न कि पुलिस की लाठियों के दम पर आंदोलन को कुचलने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लाठी के जोर पर युवाओं की आवाज नहीं दबाई जा सकती।

विपक्षी नेताओं की हिरासत का जवाब सरकार को देना होगा
रघुवर दास ने कहा कि राज्य सरकार सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करने से बाज आए। छात्रों के साथ हुई कार्रवाई और विपक्षी नेताओं की हिरासत का जवाब सरकार को देना होगा। उन्होंने सवाल किया कि परीक्षाओं में पारदर्शिता कब सुनिश्चित होगी, अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कब होगी और झारखंड के युवाओं को न्याय कब मिलेगा। रघुवर दास ने स्पष्ट किया कि भाजपा युवाओं के अधिकार, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी। झारखंड लाठी से नहीं, संवाद और लोकतंत्र से चलेगा। सरकार दमन का रास्ता छोड़े और छात्रों की मांगों का समाधान करे।