द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र में कथित त्रुटियों का आरोप लगाते हुए झारखंड कांग्रेस ने विधानसभा परिसर में धरना दिया। कांग्रेस नेताओं ने नामांकन पत्र को अवैध बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की। धरने में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, विधायक राजेश कच्छप समेत कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस का आरोप है कि परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र और उससे जुड़े दस्तावेजों में नाम को लेकर असंगति है। कुछ दस्तावेजों में नाम “परिमल नाथवानी” दर्ज है, जबकि अन्य में “नाथवानी परिमल” लिखा गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस तरह की विसंगति नामांकन की वैधता पर सवाल खड़े करती है और इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

अधूरी जानकारी देने का भी आरोप
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया है कि नामांकन पत्र में प्रत्याशी के अविभाजित परिवार (एचयूएफ) से संबंधित जानकारी देने वाला कॉलम गायब है। साथ ही प्रत्याशी के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों से जुड़े कॉलम में भी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से इन बिंदुओं को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर को लिखित शिकायत सौंपी गई है।

फिलहाल रोका गया निर्णय, नजरें निर्वाचन पदाधिकारी पर
शिकायत मिलने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र की वैधता पर अंतिम निर्णय फिलहाल होल्ड पर रख दिया है। वहीं जांच के दौरान कांग्रेस और झामुमो उम्मीदवारों के नामांकन पत्र वैध पाए गए हैं। अब राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया में आगे क्या फैसला होता है, इस पर राजनीतिक दलों और चुनावी पर्यवेक्षकों की नजरें टिकी हुई हैं।