द फॉलोअप डेस्क
महागामा (गोड्डा) में बीते आठ दिनों से जलापूर्ति ठप पड़ी थी और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही थी। स्थानीय लोगों की शिकायतों और लगातार उपेक्षा से नाराज़ होकर शनिवार सुबह झारखंड सरकार की पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री दीपिका पांडेय सिंह खुद पीएचईडी (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) कार्यालय पहुंच गईं। मंत्री के औचक निरीक्षण से अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और पूरे कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
मंत्री के निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि समरसेबल मोटर और स्टार्टर खराब होने के कारण जलापूर्ति बाधित थी। मंत्री ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से सवाल किया कि जब उन्हें पहले ही निर्देश दे दिए गए थे, तो अब तक सुधार कार्य क्यों नहीं हुआ। मौके पर ही उन्होंने खराब मोटर को तुरंत ठीक कराने और जलापूर्ति बहाल करने का निर्देश दिया।

दीपिका पांडेय सिंह ने अपने आधिकारिक ट्वीट में कहा, "महागामा बाज़ार क्षेत्र में पानी की समस्या की शिकायत मिलते ही पीएचईडी परिसर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। समरसेबल मोटर और स्टार्टर की खराबी को तुरंत ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई तय है। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जल आपूर्ति का स्थायी समाधान सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को बार-बार इस संकट से न गुजरना पड़े।" मंत्री ने यह भी कहा कि हर घर तक पानी पहुंचाना सिर्फ़ एक ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि सरकार की प्राथमिकता है, क्योंकि स्वच्छ जल हर नागरिक का अधिकार है।
