द फॉलोअफ डेस्क:
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने 26 दिनों से चल रहे आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का ऐलान किया है। मंच ने अपनी सभी मांगों को पूरा करने के लिए झारखंड सरकार को दो महीने का समय दिया है। प्रेस वार्ता में छात्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उनके संघर्ष और रिफॉर्म की मांग को स्वीकार करना पड़ा है। छात्रों के मुताबिक, सरकार ने कई परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है, जिसका पूरा श्रेय झारखंड के नौजवानों के संघर्ष को जाता है। मंच ने स्पष्ट किया कि अगले दो महीने तक सरकार की कार्रवाई पर नजर रखी जाएगी। यदि इस अवधि में सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा और इस बार आंदोलन को पहले से भी बड़ा किया जाएगा।

भूख हड़ताल करने वाले साथियों का सम्मान
प्रेस वार्ता के दौरान पद्मश्री मधु मंसूरी ने भूख हड़ताल पर बैठे राहुल क्रांति, रूपेश पाल और सविता को माला पहनाकर सम्मानित किया। वहीं कोतवाली थाना प्रभारी सनोज चौधरी ने सविता को जूस पिलाकर उनकी भूख हड़ताल तुड़वाई। छात्रों ने इस दौरान कोतवाली थाना प्रभारी समेत सभी सहयोग करने वाले लोगों का आभार जताया। वहीं छात्रों की ओर से पद्मश्री मधु मंसूरी को भी सम्मानित किया गया। छात्रों ने कहा कि यह आंदोलन का 26वां दिन है और सभी छात्र पिछले 26 दिनों से आंदोलनरत थे। छात्रों के अनुसार, उनके लगातार संघर्ष के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को छात्रों की मांगों और रिफॉर्म के मुद्दे को स्वीकार करना पड़ा। छात्रों ने कहा कि परीक्षा रद्द करने से संबंधित उनकी मांगों को भी सरकार ने माना और कई परीक्षाओं को रद्द किया गया। उन्होंने कहा कि जिन परीक्षाओं को रद्द किया गया है, उसका पूरा श्रेय झारखंड के नौजवानों को जाता है, जिन्होंने लगातार 26 दिनों तक आंदोलन जारी रखा।

कई परीक्षाएं रद्द करने की अब भी मांग
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के छात्रों ने दावा किया कि सरकार ने 22 परीक्षाओं को रद्द किया है। हालांकि छात्रों का कहना है कि उनकी मांग अभी पूरी तरह पूरी नहीं हुई है। मंच ने PGT, नगरपालिका, उत्पाद सिपाही, माध्यमिक आचार्य समेत अन्य परीक्षाओं को भी रद्द करने की मांग की थी। छात्रों ने सरकार से अपील की कि जिन परीक्षाओं को अभी रद्द नहीं किया गया है और जिनमें धांधली की शिकायतें हैं, उन्हें भी रद्द किया जाए। मंच ने कहा कि जिन परीक्षाओं का उल्लेख उनके मांग पत्र में किया गया है, उन सभी पर सरकार को कार्रवाई करनी होगी। छात्रों ने बताया कि आंदोलन के दौरान कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह भी आंदोलन स्थल पर पहुंची थीं। इसके अलावा मंत्री इरफान अंसारी भी आंदोलनरत छात्रों के बीच पहुंचे और अस्पताल में भर्ती अनशनकारी छात्रों से मुलाकात की। छात्रों के अनुसार, मंत्री ने उस दौरान उनसे दो महीने का समय देने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि इस अवधि में परीक्षा माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई और उनके खात्मे की दिशा में काम किया जाएगा।

दो महीने के लिए आंदोलन स्थगित, मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर होगा आंदोलन
मंत्री की अपील और सरकार की ओर से कई मांगों पर की गई कार्रवाई के बाद JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने आंदोलन को दो महीने के लिए स्थगित करने का फैसला लिया है। छात्रों ने कहा कि वे सरकार को दो महीने का समय दे रहे हैं और इस दौरान उनकी सभी मांगों को पूरा करना होगा। छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर दो महीने बाद उन्हें लगा कि सरकार उनके हित में काम नहीं कर रही है या मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है, तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा। छात्रों के मुताबिक, उस समय आंदोलन पहले से भी बड़ा और व्यापक होगा। आंदोलन समाप्त नहीं बल्कि स्थगित करने का ऐलान करते हुए छात्रों ने मीडिया, प्रशासन और आंदोलन के दौरान प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया। छात्रों ने कहा कि जिसने भी उनके संघर्ष में किसी भी रूप में सहयोग किया, वे सभी उसके आभारी हैं। मंच ने सत्ता पक्ष और विपक्ष समेत सभी राजनीतिक दलों को भी सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। छात्रों ने कहा कि उनका संघर्ष किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग से जुड़ा आंदोलन है।