रांची
झारखंड पर्यटन विकास निगम (JTDC) और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) की संयुक्त पहल से राज्य में आज माइनिंग टूरिज्म सर्किट की औपचारिक शुरुआत हुई। इस अनूठी पहल के तहत राज्य के प्रमुख इन्फ्लुएंसर्स और पत्रकारों को कोयला खदानों की कार्यप्रणाली, तकनीकी प्रक्रिया और पर्यावरणीय पक्ष से अवगत कराने के लिए एक विशेष टूर का आयोजन किया गया।
इस टूर की शुरुआत सुबह 9 बजे होटल बिरसा विहार, रांची से हुई, जहां से प्रतिभागियों को दो ट्रैवलर बसों में पतरातु घाटी ले जाया गया। पतरातु घाटी की सुरम्य वादियों और पालनी फॉल्स के प्राकृतिक सौंदर्य ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। दोपहर में होटल पर्यटन विहार में भव्य आतिथ्य सत्कार के बाद, दल ने माइनिंग टूर का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव – उरीमारी कोयला खदान – का शैक्षिक भ्रमण किया।

दोपहर 2 बजे CCL अधिकारियों के नेतृत्व में प्रतिभागियों ने उरीमारी खदान की ओर प्रस्थान किया। खदान स्थल पर CCL टीम द्वारा खनन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को सुरक्षा उपकरण प्रदान किए गए और उन्हें ब्लास्टिंग जैसी जटिल गतिविधियों का प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया। उत्तरी उरीमारी खदान की तकनीकी बारीकियों और आर्थिक महत्व को समझते हुए प्रतिभागियों ने इस क्षेत्र में झारखंड की भूमिका की सराहना की।
JTDC के निदेशक श्री प्रेम रंजन ने इस अवसर पर कहा, "यह पहल झारखंड के पर्यटन को एक नया आयाम देगी। माइनिंग टूरिज्म से पर्यटकों को राज्य के औद्योगिक विकास और प्राकृतिक संसाधनों की जानकारी मिलेगी। हम CCL के सहयोग के लिए आभारी हैं।" इस अभिनव प्रयास से यह आशा की जा रही है कि माइनिंग टूरिज्म न केवल झारखंड के आर्थिक और औद्योगिक पक्ष को लोगों तक पहुँचाएगा, बल्कि राज्य के पर्यटन उद्योग को भी नई दिशा देगा।
