जमशेदपुर
झामुमो ने आज हिमांशु सिंह हत्याकांड में कहा कि जमशेदपुर में हुई निर्मम हत्या अत्यंत दुखद, पीड़ादायक और निंदनीय है। झारखंड मुक्ति मोर्चा दिवंगत युवाओं के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है। साथ ही स्पष्ट करता है कि इस जघन्य अपराध के एक-एक दोषी को कानून के कठघरे तक पहुंचाना हेमंत सोरेन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लेकिन इस गंभीर घटना पर भारतीय जनता पार्टी जिस प्रकार राजनीतिक रोटियां सेंकने और राज्य सरकार पर निराधार आरोप लगाने में जुटी है, वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि उसकी दोहरी मानसिकता और राजनीतिक अवसरवादिता को भी उजागर करता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को जनता के सामने सबसे पहले यह बताना चाहिए कि जिस डबल डाउन बार में यह हत्याकांड हुआ, उसका मालिक भाजपा के व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक नीरज सिंह हैं। जिन लोगों पर इस जघन्य अपराध में संलिप्तता के आरोप हैं, वे उसी व्यक्ति के संरक्षण में पलने वाले गुंडे बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक युवाओं का अपराध केवल इतना था कि उन्होंने महिलाओं से छेड़खानी का साहसपूर्वक विरोध किया।

भाजपा से पूछे ये सवाल
आज भाजपा कानून-व्यवस्था पर बड़ी-बड़ी बातें कर रही है, लेकिन क्या वह बताएगी कि—
-भाजपा नीरज सिंह जैसे लोगों को आखिर कब से राजनीतिक संरक्षण दे रही है?
-नीरज सिंह समेत 11 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद पार्टी लाइन उन्हें बचाने की कोशिश क्यों ? इनकी तुरंत गिरफ्तारी की मांग क्यों नहीं कर रही ?
-क्या भाजपा अपने संगठन के प्रभावशाली पदाधिकारी होने के कारण नीरज सिंह को बचाने की कोशिश कर रही है?
-आखिर भाजपा अपराधियों के खिलाफ है या अपने संरक्षित अपराधियों के पक्ष में ?

सोरेन सरकार ने बिना किसी दबाव या भेदभाव के त्वरित कार्रवाई की
सच्चाई यह है कि घटना के तुरंत बाद हेमंत सोरेन सरकार ने बिना किसी दबाव या भेदभाव के त्वरित कार्रवाई की। डबल डाउन बार को तत्काल सील किया गया। लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। दो जिलों के पुलिस अधीक्षकों को हटाए गए। पूरे मामले की मुख्यमंत्री स्वयं लगातार निगरानी कर रहे हैं तथा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि चाहे आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इसके विपरीत भाजपा का पूरा ध्यान दोषियों को कटघरे में खड़ा करने के बजाय राज्य सरकार को मनगढंत रूप से बदनाम करने और अपने राजनीतिक सहयोगियों को बचाने पर केंद्रित दिखाई देता है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास जी की टिप्पणियां भी आश्चर्यजनक हैं। पीड़ित परिवार से संवेदना व्यक्त करना स्वागतयोग्य है, लेकिन यदि वास्तव में उन्हें न्याय की चिंता है तो उन्हें सबसे पहले अपनी ही पार्टी के उस पदाधिकारी के खिलाफ खुलकर बोलना चाहिए, जिसके प्रतिष्ठान में यह जघन्य अपराध हुआ। केवल सरकार पर आरोप लगाने से नैतिक जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती।

नीरज सिंह को तत्काल पार्टी से निकालनेे के बारे में पूछा
भाजपा यह भी स्पष्ट करे कि क्या वह नीरज सिंह को तत्काल पार्टी से निष्कासित करेगी? क्या उसकी गिरफ्तारी की सार्वजनिक मांग करेगी? या फिर हमेशा की तरह राजनीतिक संरक्षण देने का काम जारी रखेगी? झारखंड मुक्ति मोर्चा पुनः स्पष्ट करता है कि अपराध किसी भी दल, जाति या वर्ग का नहीं होता। अपराधी केवल अपराधी होता है। हेमंत सोरेन सरकार किसी भी आरोपी को राजनीतिक पहचान के आधार पर संरक्षण नहीं देती। यही कारण है कि घटना के तुरंत बाद कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की गई और जांच तेज गति से आगे बढ़ रही है।

भाजपा को पहले अपने घर की सफाई करनी चाहिए
भाजपा को कानून-व्यवस्था पर उपदेश देने से पहले अपने घर की सफाई करनी चाहिए। जनता सब देख रही है कि एक ओर भाजपा अपराध पर राजनीति कर रही है, वहीं दूसरी ओर अपने ही संगठन से जुड़े आरोपी के खिलाफ एक शब्द बोलने से बच रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा राज्य की जनता को विश्वास दिलाता है कि इस जघन्य हत्याकांड के सभी दोषियों को कानून के अनुसार कठोरतम सजा दिलाई जाएगी। चाहे वह कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो या किसी भी राजनीतिक दल से उसका संबंध क्यों न हो, कानून सबके लिए समान है और न्याय हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।
