रांची
झारखंड लोककल्याण मोर्चा (जेएलकेएम) के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो ने आज नेपाल हाउस में झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर सचिव अजय कुमार सिंह से मुलाकात कर झारखंड राज्य फार्मेसी काउंसिल से संबंधित कई गंभीर मुद्दों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
महतो ने ज्ञापन में मांग की कि फार्मेसी काउंसिल के सदस्य और रजिस्ट्रार पद पर मूल झारखंडी और सरकारी पद पर कार्यरत फार्मासिस्ट को ही नियुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि झारखंड अलग राज्य बनने के 25 वर्षों बाद भी राज्य के युवाओं और कर्मियों को उनका अधिकार नहीं मिल पाया है।

उन्होंने जानकारी दी कि झारखंड राज्य फार्मेसी काउंसिल के प्रभारी निबंधक-सह-सचिव प्रशांत कुमार पांडे का कार्यकाल 13 अप्रैल 2025 को समाप्त हो चुका है। उन्हें छह माह के लिए औपबंधिक रूप से नियुक्त किया गया था, लेकिन अब वे तीन महीने से बिना वैधता के पद पर बने हुए हैं।
महतो ने बताया कि फरवरी 2022 से अब तक स्थायी रजिस्ट्रार-सह-सचिव की नियुक्ति नहीं की गई है, जिससे फार्मेसिस्टों के निबंधन, नवीकरण, परीक्षा संचालन आदि कार्य बाधित हो रहे हैं।
उन्होंने आगे बताया कि फार्मेसी एक्ट 1948 की धारा 26 के अनुसार, काउंसिल के अध्यक्ष, सचिव और सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष होता है। वर्तमान में काउंसिल के 15 में से 11 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। 11 जुलाई को उपाध्यक्ष जादूनाथ मार्डी का निधन भी हो गया है।

महतो ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा काउंसिल में नवीन 5 नामित सदस्यों की नियुक्ति की जा रही है, लेकिन इनमें से कोई भी सरकारी फार्मासिस्ट नहीं हैं, जो नियमों के अनुरूप नहीं है। इस संबंध में उन्होंने जोर देकर कहा कि, "झारखंड के मूल निवासियों और सरकारी सेवा में कार्यरत फार्मेसिस्टों को ही काउंसिल में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।"
महतो ने घोषणा की कि इन मुद्दों को लेकर 23 जुलाई 2025 को झारखंड राज्य फार्मेसी काउंसिल बरियातू कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लेते हुए पारदर्शी और नियम सम्मत नियुक्ति प्रक्रिया अपनाई जाए।
