गिरिडीह
गिरिडीह के बगोदर में आज 16 जनवरी को कामरेड महेंद्र सिंह का 19वां शहादत दिवस मनाया गया। इस अवसर पर महेंद्र सिंह के पैतृक गांव खंभरा में विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। जनसभा को संबोधित करते हुए सीपीआई (एमएल) के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि आज 19 साल हो गये, कामरेड महेंद्र सिंह की शहादत को, लेकिन उनकी हत्या के रहस्यों पर से पर्दा नहीं उठ पाया है। कहा कि इस दौरान राज्य में कई सरकारें आयी और गयीं। दीपांकर ने कहा कि आज भी समाज में न्याय पर अन्याय हावी है। कमजोर पर बलशाली हावी है। कहा, महेंद्र सिंह समाज से इन्हीं असमानताओं को खत्म करना चाहते थे।

मौके पर जन संकल्प सभा में पारित किये गये प्रस्ताव
महेंद्र सिंह के शहादत दिवस के मौके पर आयोजित जन संकल्प सभा में कई प्रस्ताव पारित किये गये। इनमें मुख्य हैं- लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए व रोजगार के लिए 16 से 30 जनवरी 2024 तक भाजपा हटाओ देश बचाओ जन संकल्प अभियान चलाया जायेगा। इसे व्यापकता देते हुए हर गांव हर घर तक पहुंचाया जाए। गाजा पर इजरायली हमले और बच्चों वह महिलाओं के जनसंहार के खिलाफ एकजुट होकर विरोध की आवाज को बुलंद होगी। मोदी सरकार, नेतान्याहू सरकार को समर्थन देने के बजाय इसके ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहल करें। इवीएम वोटो की गिनती के साथ-साथ वीवीपेट की पर्चियों की भी गिनती करने की गारंटी की जाए। इस प्रस्ताव को भाकपा माले, राज्य कमेटी, झारखंड की ओऱ से पेश किया गया।

2005 में हुई थी हत्या
बता दें कि महेंद्र सिंह की हत्या 16 जनवरी 2005 को सरिया के एक गांव में नक्सलियों द्वारा कर दी गयी थी। हत्या के समय वे बगोदर सीट से विधायक थे। उनको विधानसभा में तर्कसंगत बहसों के लिए आज भी याद किया जाता है। उनको सदन से लेकर सड़क तक पर जनता के लिए संघर्ष करने के कारण जाना जाता है। राजनीतिक होने के साथ वे लेखन कार्य में भी रुचि लेते थे। पुस्तिकाओं और अखबार में लेखन के कारण उनको अलग से याद किया जाता है।