रांची
रांची में आज परिवहन विभाग तथा राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक में सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर ड्राइविंग लाइसेंस बनाये जायेंगे। सोरेन इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने आमजन को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि सभी विभाग अपनी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने हेतु तकनीक का व्यापक उपयोग करें। उन्होंने परिवहन सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा भूमि संबंधी मामलों के त्वरित निष्पादन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण के निर्देश दिए
राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में भूमि अभिलेखों के व्यापक एवं चरणबद्ध डिजिटलीकरण को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने पर आम नागरिकों को भूमि क्रय से पूर्व संबंधित भूमि की स्थिति के संबंध में संपूर्ण एवं अद्यतन जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर सहज रूप से उपलब्ध हो सकेगी। नागरिक यह जान सकेंगे कि संबंधित भूमि सरकार द्वारा अधिग्रहण/अर्जन की प्रक्रिया में है, अधिग्रहित की जा चुकी है अथवा पूर्णतः मुक्त है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से रैयतों एवं आमजनों को पारदर्शी और विश्वसनीय जानकारी प्राप्त होगी, जिससे भूमि क्रय-विक्रय से संबंधित अनिश्चितता एवं विवादों में उल्लेखनीय कमी आएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि भूमि संबंधी सभी महत्वपूर्ण अभिलेखों को डिजिटलीकृत कर उन्हें एकीकृत पोर्टल से जोड़ा जाए, ताकि किसी भी स्तर पर सूचना के अभाव या विसंगति की स्थिति उत्पन्न न हो।

खासमहल भूमि से संबंधित लीज नवीनीकरण का मामला उठा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खासमहल भूमि से संबंधित लीज नवीनीकरण, लीज हस्तांतरण तथा भूमि के प्रयोजन परिवर्तन (चेंज ऑफ लैंड यूज़) की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में जटिलताओं के कारण आमजनों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिसे दूर करना आवश्यक है। इस दिशा में सभी प्रक्रियाओं का मानकीकरण करते हुए उन्हें ऑनलाइन एवं ट्रैकिंग-आधारित प्रणाली से जोड़ने पर भी बल दिया गया, ताकि आवेदनों की स्थिति की निगरानी सुगमता से की जा सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि खासमहल अंतर्गत सभी लीजधारकों का व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण एवं मैपिंग कराया जाए, जिससे प्रत्येक लीजधारक का अद्यतन डाटाबेस तैयार हो सके। इसके साथ ही, सभी लीज से संबंधित दस्तावेजों का पुनः सत्यापन (री-वेरिफिकेशन) सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी प्रकार की विसंगति, फर्जीवाड़ा या अभिलेखीय त्रुटियों को समय रहते चिन्हित कर सुधारा जा सके। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया भविष्य में भूमि प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और विश्वसनीय बनाएगी।

बेहतर सड़क नेटवर्क पर जोर
परिवहन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर ड्राइविंग लाइसेंस निर्गत करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलावार मैपिंग, रूट चार्ट निर्माण एवं सड़क नेटवर्क के विकास पर जोर दिया गया। रांची स्मार्ट सिटी में विकसित किए जा रहे ट्रैफिक पार्क के प्रजेंटेशन का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह पार्क आमजन, विशेषकर बच्चों और युवाओं को मनोरंजन के माध्यम से यातायात नियमों, संकेतों एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
