रांची
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार रिम्स (राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान) को देश के बेहतरीन स्वास्थ्य संस्थानों की कतार में लाने की तैयारी में है। शनिवार को रिम्स शासी परिषद की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि रिम्स को नई दिशा देने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
डॉ. अंसारी ने कहा, “हम चाहते हैं कि रिम्स देश का टॉप इंस्टीट्यूट बने। इसके लिए सभी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को गंभीरता से अपनी भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री जी लगातार मार्गदर्शन दे रहे हैं और आने वाले समय में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।”

निजी प्रैक्टिस पर सख्ती
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी ड्यूटी के दौरान प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने रिम्स निदेशक को आदेश दिया कि MRI मशीन की खरीद प्रक्रिया तत्काल पूरी की जाए। ट्रॉमा सेंटर में खराब पड़े वेंटीलेटरों की मरम्मत या बदलाव, बिल्डिंग की मरम्मत और सफाई व्यवस्था को भी प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि रिम्स निदेशक को कई मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया गया है। आने वाले दिनों में इन सुधारों का असर मरीजों को साफ नजर आएगा। रिम्स निदेशक ने बैठक को सकारात्मक बताते हुए भरोसा दिलाया कि व्यापक सुधार जल्द ही दिखाई देंगे।

बैठक में तय हुआ कि अगली बैठक 9 अक्टूबर 2025 को होगी, जिसमें शेष प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
मुख्य मुद्दे जिन पर चर्चा हुई:
• मेडिकल उपकरणों की खरीद में देरी और उससे जुड़ी समस्याएं
• ट्रॉमा सेंटर की कमियां और सुधार की योजना
• खराब वेंटीलेटरों की स्थिति और रखरखाव व्यवस्था
• आवश्यक मशीनों की खरीद और बेहतर उपयोग
• मरीजों के इलाज की मौजूदा स्थिति और सुधार की रूपरेखा
बैठक में विधायक सुरेश कुमार बैठा, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव, रिम्स निदेशक, रांची विश्वविद्यालय के कुलपति, रिनपास निदेशक, प्रमंडलीय आयुक्त सहित कई अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
