रांची
अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) ने रांची विश्वविद्यालय में व्याप्त समस्याओं के खिलाफ आज जोरदार प्रदर्शन किया। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से सैकड़ों छात्रों ने आक्रोश मार्च निकालते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन की शव यात्रा निकाली और विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।
कुलपति की अनुपस्थिति में प्रदर्शनकारी छात्रों ने कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, प्रॉक्टर, सीसीडीसी और अन्य अधिकारियों को लगभग 5 से 6 घंटे तक कार्यालय में बंद कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक शव का प्रतीकात्मक दाह संस्कार कर अपना विरोध दर्ज कराया और जमकर नारेबाजी की।
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बढ़ते दबाव को देखते हुए कुलपति महोदय को अंततः आजसू के कार्यकर्ताओं से वार्ता के लिए विवश होकर आना पड़ा। हालांकि, उन्हें भी आधे घंटे तक घेराव का सामना करना पड़ा। कुलपति के बार-बार आग्रह पर आक्रोशित कार्यकर्ता अंततः वार्ता के लिए सहमत हुए और अपनी 10 सूत्रीय मांगें उनके समक्ष रखीं।
आजसू की प्रमुख 10 मांगें इस प्रकार हैं:
1. मूलभूत सुविधाएं: रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सभी कॉलेजों और पीजी विभागों में मूलभूत सुविधाएं अविलंब बहाल की जाएं।
2. पीएचडी प्रवेश परीक्षा: पीएचडी की प्रवेश परीक्षा शीघ्र कराई जाए।
3. छात्रसंघ चुनाव: छात्र संघ चुनाव की तिथि अविलंब घोषित की जाए।
4. प्रवेश प्रक्रिया: एडमिशन प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए और शैक्षणिक सत्र को नियमित किया जाए।
5. शिक्षकों एवं स्टाफ की नियुक्ति: सभी कॉलेजों एवं पीजी विभागों में शिक्षकों और स्टाफ की कमी को तुरंत दूर किया जाए।
6. कोर्स की शुरुआत: बीपीएस, बीपीएड और एमपीएड कोर्स को इसी सत्र से शुरू किया जाए।
7. डिग्री वेरिफिकेशन: डिग्री वेरीफिकेशन और डिग्री वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित किया जाए।
8. ईडीपीसी पुनः संचालन: विश्वविद्यालय में पूर्व की भांति ईडीपीसी को पुनः संचालित किया जाए।
9. स्पोर्ट्स एवं कल्चर: स्पोर्ट्स और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन विश्वविद्यालय कैलेंडर के अनुसार किया जाए।
10. लैंग्वेज लैब और प्लेसमेंट सेल: इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज में लैंग्वेज लैब तुरंत खोली जाए और प्रशिक्षक की बहाली हो। साथ ही प्लेसमेंट सेल को मजबूत और क्रियाशील बनाया जाए।
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कुलपति का आश्वासन
कुलपति महोदय ने सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और एक सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई, तो आजसू चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
इस विरोध प्रदर्शन और वार्ता में आजसू के कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो, वरीय उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव, प्रताप सिंह, गौरभ सिंह, राजेश सिंह, सक्षम झा, रोशन नायक, शिवम कुमार, राजकिशोर महतो, कार्तिक कुमार, अमन साहू, प्रशांत महतो, अंकित साहू, चेतन प्रकाश, अजीत कुमार, दीपक महतो, विद्यानंद, योगेश, मोहन, राज दुबे, पीयूष सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
