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CISF जवान की हत्या के 84 दिन बाद एक युवक गिरफ्तार, गैंग का सरगना अब भी फरार 

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द फॉलोअप डेस्क 
बोकारो के फुसरो में तैनात CISF जवान सुनील पासवान की 23 अप्रैल को झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा के डोमदहा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज मामले में 84 दिन बाद पुलिस ने मिहिजाम, जामताड़ा के अम्बेडकर नगर निवासी राहुल गुप्ता उर्फ 'मुर्गी' को गिरफ्तार कर लिया है।

रूपनारायणपुर पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर 'मुर्गी' की पहचान की और उसके घर से घटना के दिन पहने गए कपड़े भी बरामद किए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना के दिन सुनील पासवान की जमीन पर 'मुर्गी' और उसके गैंग के लोग शराब पी रहे थे। जब सुनील ने इसका विरोध किया, तो उन्होंने उसे गोली मार दी। 

यह पहली बार नहीं है जब 'मुर्गी' कानून के शिकंजे में आया है। इससे पहले, 12 अगस्त 2024 को असम राइफल्स के जवान ओमप्रकाश भारती के साथ लूटपाट और हमले के मामले में वह जामताड़ा जेल जा चुका है। इसके अलावा, 30 जनवरी को मिहिजाम हांसी पहाड़ी रेलवे फाटक के पास केटरिंग कर्मी राहुल सिंह उर्फ 'लेफ्टि' की गोली मारकर हत्या करने के मामले में उसने 1 महीने पहले जामताड़ा कोर्ट में सरेंडर किया था। वह 6 मार्च को विनय यादव की पीठ पर गोली मारने की घटना में भी शामिल था। 

थाना प्रभारी अरुणभ भट्टाचार्य ने बताया कि इस गिरोह का मुख्य सरगना युवराज यादव अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि यह गैंग अपराध करने के बाद पकड़े जाने के डर से अपनी हुलिया बदल लेता है, जिसमें दाढ़ी और बाल मुंडवाना शामिल है। पुलिस इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने की उम्मीद है।


 

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