बालूमाथ, लातेहार
आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य के लोगों के लिए अभिशाप बनेगी या वरदान, यह तय करना होगा। खनिज संपदा से झारखंड का भविष्य बनेगा या विस्थापन का दर्द बढ़ेगा, इस सवाल का जवाब राज्य की नीतियों और सरकार की प्राथमिकताओं में दिखाई देना चाहिए। बालूमाथ में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड के पास प्राकृतिक संसाधनों की कोई कमी नहीं है। लेकिन विडंबना यह है कि जिस जमीन और क्षेत्र से खनिज निकलता है, वहां रहने वाले लोगों के जीवन में उसका लाभ पर्याप्त रूप से दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र की जमीन जा रही है, जहां विस्थापन हो रहा है और जहां से खनिज संपदा निकल रही है, वहां के लोगों के लिए उनकी जमीन अभिशाप नहीं, बल्कि वरदान साबित होनी चाहिए। खनन के बाद वहां के लोगों के जीवन में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल और बेहतर आधारभूत सुविधाओं के रूप में बदलाव दिखाई देना चाहिए।

खनिज संपदा का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचे
सुदेश महतो ने कहा कि खनिज संपदा केवल सरकार के राजस्व का स्रोत नहीं है। यह उन लोगों के जीवन से जुड़ी है जिनकी जमीन, जंगल और प्राकृतिक संसाधनों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र से राज्य और देश की अर्थव्यवस्था को संसाधन मिल रहे हैं, वहां के लोगों को विस्थापन, प्रदूषण और रोजगार की समस्या के साथ अकेला नहीं छोड़ा जा सकता। “जिसकी जमीन जा रही है, उसके लिए वह जमीन केवल जमीन नहीं है। वह उसकी मां और जन्मभूमि के समान है। इसलिए विकास की कीमत स्थानीय परिवारों के भविष्य से नहीं चुकाई जा सकती।” उन्होंने कहा कि खनन से प्रभावित क्षेत्रों में मिलने वाले संसाधनों का उपयोग स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में होना चाहिए। वहां अच्छे अस्पताल, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, दवा, पेयजल, सड़क, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण की स्थायी व्यवस्था होनी चाहिए।
विस्थापन केवल मुआवजे का विषय नहीं
सुदेश महतो ने कहा कि विस्थापन को केवल मुआवजा देकर समाप्त नहीं किया जा सकता। किसी परिवार की जमीन जाने के बाद उसके बच्चों की शिक्षा, परिवार के स्वास्थ्य, रोजगार और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवारों को केवल मुआवजा नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य की गारंटी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि खनन और औद्योगिक परियोजनाओं से प्रभावित क्षेत्रों के लिए स्पष्ट दीर्घकालिक नीति बनाई जाए, ताकि वहां के लोगों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार और विकास का अवसर मिल सके।
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10 हजार युवाओं की वैचारिक लीडरशिप तैयार करेगा आजसू
सुदेश महतो ने कहा कि आजसू पार्टी आने वाले समय में पूरे झारखंड में 10 हजार युवाओं को वैचारिक और सामाजिक नेतृत्व के लिए तैयार करने का अभियान शुरू कर रही है। बालूमाथ का युवा सम्मेलन इसी अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल युवाओं की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसी नई पीढ़ी तैयार करना है जो झारखंड की वास्तविकता, राज्य गठन के उद्देश्य, जल-जंगल-जमीन, रोजगार, विस्थापन और स्थानीय अधिकारों को समझे। उन्होंने कहा कि पंचायत से लेकर प्रखंड, जिला, विधानसभा और लोकसभा तक नई नेतृत्व क्षमता तैयार करनी होगी। “हम ऐसे युवा नेतृत्व का निर्माण करना चाहते हैं जो केवल चुनाव जीतने की राजनीति न करे, बल्कि समाज को समझे, गांव के बीच रहे और लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए संघर्ष करे।”
ग्रामसभा को निर्णय की ताकत बनाना होगा
सुदेश महतो ने कहा कि गांव को मजबूत किए बिना झारखंड मजबूत नहीं हो सकता। ग्रामसभा को केवल औपचारिक बैठक न बनाकर गांव के विकास और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े निर्णयों में वास्तविक भागीदारी देनी होगी। उन्होंने कहा कि गांव के बुजुर्ग, महिलाएं और युवा ग्रामसभा के माध्यम से अपने गांव के भविष्य के निर्णय में भागीदार बनें, यही लोकतंत्र की वास्तविक ताकत है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन का व्यवहार भी जनता के अनुकूल होना चाहिए। पुलिस और प्रशासन को आम आदमी के बीच विश्वास पैदा करना होगा। सुदेश महतो ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल सांसद, विधायक या मंत्री बनना नहीं हो सकता। राजनीति जनता के बीच रहने, उनकी समस्याओं को समझने और क्षेत्र की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय जनता के बीच जाना और फिर पांच वर्ष तक इंतजार करना राजनीति नहीं हो सकती। 365 दिन जनता के बीच रहने वाली राजनीति ही समाज में विश्वास पैदा करेगी।

कार्यक्रम में इनकी रही सहभागिता
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पार्टी के केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत शामिल हुए। इस मौके पर केंद्रीय महासचिव उमेश सिंह भोगता, संजय मेहता, केंद्रीय सचिव सह लातेहार जिला प्रभारी इम्तियाज अहमद नाजमी, जितेंद्र सिंह, केंद्रीय मीडिया संयोजक परवाज खान, लातेहार जिला अध्यक्ष अमित पांडे, लातेहार महिला जिलाध्यक्ष मती रीमा देवी, जिला प्रवक्ता संजीव कुमार, युवा प्रदेश संयोजक प्रताप सिंह, आजसू छात्र संघ के प्रदेश वरीय उपाध्यक्ष अभिषेक राज, शंकर उरांव, मुकेश यादव, विवेक दुबे, राज दुबे सहित पार्टी के कई सम्मानित पदाधिकारी, युवा साथी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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