द फॉलोअप डेस्क
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में सोमवार को हुए भयावह विमान हादसे में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक कुल 27 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 25 बच्चे शामिल हैं। हादसे में लगभग 170 लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
सोमवार को बांग्लादेशी वायुसेना का एक एफ-7 प्रशिक्षण विमान ढाका के उत्तरा क्षेत्र स्थित दियाबारी इलाके में माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त होकर गिर गया था। टकराव के बाद विमान में आग लग गई, जिससे स्कूल में मौजूद कई बच्चे और अन्य लोग चपेट में आ गए।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस के विशेष सलाहकार सईदुर रहमान ने बताया कि अब तक 27 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से 25 बच्चे हैं, और मृतकों में कई की उम्र 12 वर्ष से भी कम थी। अब तक 20 शव उनके परिवारों को सौंपे जा चुके हैं।
ढाका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी (NIBPS) में सईदुर रहमान ने बताया कि घायलों के इलाज के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कई मरीजों की हालत गंभीर है। स्कूल अधिकारियों और अस्पताल स्टाफ के अनुसार, कई माता-पिता अब भी अपने लापता बच्चों की तलाश में एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटक रहे हैं।
आपातकालीन वार्ड के बाहर चिंतित माता-पिता और परिजन स्तब्ध और दुखी हालत में अपने बच्चों का इंतजार कर रहे हैं। एक स्कूल शिक्षक ने बताया कि दुर्घटना के तुरंत बाद दर्जनों एंबुलेंस घायलों को निकटवर्ती अस्पतालों में ले गईं, लेकिन घायलों की संख्या इतनी अधिक थी कि इलाज के लिए जगह की भारी कमी हो गई।
सरकार ने इस दर्दनाक हादसे को लेकर मंगलवार को राजकीय शोक दिवस घोषित किया है। इस दिन देशभर के सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी, स्वायत्त संस्थानों और शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। साथ ही, सभी धार्मिक स्थलों पर घायलों और मृतकों के लिए विशेष प्रार्थना की जाएगी।
हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए बांग्लादेश वायु सेना ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। रक्षा मंत्रालय के इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस डायरेक्टोरेट (ISPR) ने बताया कि पायलट हुसैन ने विमान को किसी सुनसान स्थान पर ले जाकर बड़ी दुर्घटना को टालने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन वे असफल रहे। सभी घायलों को वायु सेना के हेलीकॉप्टर और एंबुलेंस के ज़रिए संयुक्त सैन्य अस्पताल (CMH) और अन्य नज़दीकी चिकित्सा सुविधाओं में ले जाया गया है।
