रांची
रांची को अधिक स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक महानगर बनाने की दिशा में रांची नगर निगम ने एक बेहद महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। शहर के प्रमुख और व्यस्त मार्गों को पूरी तरह से जाम और अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए एक 'मॉडल कॉरिडोर' कार्ययोजना तैयार की गई है। इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए आज शनिवार को खुद नगर आयुक्त सुशांत गौरव के नेतृत्व में निगम के वरीय पदाधिकारी की टीम ने एक अनूठी पहल की। पूरी टीम एक ही वाहन में सवार होकर कांके रोड, रातू रोड, हरमू बायपास और चुटिया-बहुबाजार जैसे सबसे व्यस्त इलाकों का सघन औचक निरीक्षण करने सड़क पर उतरी। इस मेगा ड्राइव का मुख्य उद्देश्य सिर्फ अवैध अतिक्रमण हटाना ही नहीं, बल्कि पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित फुटपाथ सुनिश्चित करना, सड़कों के किनारे सुंदर हरित क्षेत्र (ग्रीन पैच) विकसित करना और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की वैधता की जांच करना है, ताकि रांची को एक वैश्विक और नागरिक-अनुकूल स्वरूप दिया जा सके।
सड़क से फुटपाथ तक बारीकी से जांच
इस निरीक्षण की सबसे खास बात यह रही कि नगर आयुक्त और सभी संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी एक ही वाहन में बैठकर पूरे रूट पर निकले। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, समस्याओं की संयुक्त पहचान करना और त्वरित समाधान के लिए एक एकीकृत कार्ययोजना तैयार करना था। निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे अतिक्रमण, यातायात, फुटपाथों की स्थिति, पार्किंग, स्वच्छता, हरित क्षेत्र और नागरिक सुविधाओं का बिंदुवार मूल्यांकन किया गया। नगर आयुक्त ने सभी अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर विभागवार कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
फुटपाथ और पैदल यात्रियों को मिलेगी सर्वोच्च प्राथमिकता
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि किसी भी आधुनिक शहर की पहचान उसके सुरक्षित और सुगम फुटपाथ होते हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि जहां फुटपाथ नहीं हैं वहां नए पाथवे बनाए जाएं और जहां अतिक्रमण है उन्हें तुरंत खाली कराया जाए। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए उन्होंने साफ किया कि फुटपाथ केवल पैदल यात्रियों के लिए हैं और इन पर किसी भी प्रकार का अवरोध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की होगी व्यापक जांच
इस पूरे मॉडल कॉरिडोर में स्थित सभी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के ट्रेड लाइसेंस की जांच राजस्व शाखा द्वारा की जाएगी। बिना वैध लाइसेंस के चल रहे प्रतिष्ठानों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। इसके साथ ही रेजिडेंशियल होल्डिंग में अवैध रूप से चल रही व्यावसायिक गतिविधियों की जांच कर कार्रवाई करने और अतिक्रमण पाए जाने पर मापी कर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
हरित एवं आकर्षक बनेगा पूरा कॉरिडोर
पूरे मार्ग को खूबसूरत बनाने के लिए रोड मेडियन पर आकर्षक बागवानी विकसित करने, झाड़ियों की नियमित कटाई करने, खाली और अनुपयोगी दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग कराने तथा प्रमुख टर्निंग पॉइंट्स पर ग्रीन पैच डेवलपमेंट करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर आयुक्त ने कहा कि सौंदर्गीकरण केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों को एक हरित और आकर्षक वातावरण का अनुभव होना चाहिए।
फुटपाथ से हटेंगे अवैध होर्डिंग
मॉडल कॉरिडोर के फुटपाथों से सभी अवैध होर्डिंग, विज्ञापन सामग्री और पैदल यात्रियों के रास्ते में बाधा बनने वाले अवरोधों को हटाने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए संबंधित एजेंसियों को तत्काल निर्देश जारी किए जा रहे हैं और आदेश का अनुपालन न करने वाली एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान कैलाशपति मिश्र चौक के पास उपलब्ध भूमि पर एक सुव्यवस्थित सार्वजनिक पार्क विकसित करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि स्थानीय लोगों को हरित स्थल मिल सके। वहीं, सिरमटोली चौक से इंदिरा गांधी चौक, चुटिया होते हुए बहु बाजार तक सड़क के दोनों ओर पेवर ब्लॉक युक्त पाथवे विकसित करने, अनधिकृत दुकानें हटाने और स्वच्छ वेंडिंग क्षेत्र विकसित करने का मेगा प्रोजेक्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए इस पूरे क्षेत्र के प्रभावी प्रबंधन हेतु एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।
मेगा ड्राइव से बदलेगा शहर का स्वरूप
नगर आयुक्त ने कहा कि रांची नगर निगम इस पूरे कॉरिडोर को जाम मुक्त, अतिक्रमण मुक्त, स्वच्छ और हरित मॉडल कॉरिडोर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी विभागों के संयुक्त प्रयास से चरणबद्ध तरीके से मेगा ड्राइव चलाया जाएगा ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो। यह अभियान भविष्य में रांची के अन्य प्रमुख मार्गों के लिए भी एक आदर्श मॉडल साबित होगा। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से एसडीओ कुमार रजत, उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार, पुलिस उपाधीक्षक के. वी. रमण, सहायक नगर आयुक्त, नगर निवेशक, नगर प्रबंधक तथा रांची नगर निगम एवं संबंधित विभागों के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।