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2.23 मीटर के इस घर की कीमत है 7 करोड़ से भी ज्यादा, जानिए! क्या है इसकी खासियत

2.23 मीटर के इस घर की कीमत है 7 करोड़ से भी ज्यादा, जानिए! क्या है इसकी खासियत

हॉस्पिटल का शर्मनाक कबूलनामा! 'मॉक ड्रिल में ऑक्सीजन की सप्लाई रोकी और 22 मरीज नीले पड़ गये...छंट गये'

यूपी के आगरा से दिल दहलाने वाली घटना सामने आई। आगरा के पारस हॉस्पिटल में प्रबंधन की लापरवाही की वजह से 22 मरीजों की जान चली गई। मिली जानकारी के मुताबिक यहां पांच मिनट के लिए हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद कर दी गयी थी। इसके पीछे अजीब सा तर्क दिया गया

जानिये मोची का काम करने वाले ऐसे लेखक को जो विश्वविद्यालयों में देते हैं लेक्चर! इन पर हो रही है रिसर्च

टांडा रोड के साथ लगते मुहल्ला सुभाष नगर के द्वारका भारती घर चलाने के लिए मोची का काम करते हैं। सुकून के लिए साहित्य रचते हैं। भले ही वे 12 वीं पास हैं, पर साहित्य की समझ के कारण उन्हें वर्दीवालों को लेक्चर देने बुलाया जाता है। कई भाषाओं में साहित्यकार इन

UP: क़द और पॉवर की जंग में उलझ रही भाजपा, जानिए क्या है कहानी

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी का सियासी संग्राम निर्णायक दिशा में बढ़ रहा है। सर्वशक्तिमान नरेंद मोदी को सीधी चुनौती देकर योगी आदित्यनाथ ने सात लोक कल्याण से लेकर केशव कुंज तक को हलकान कर दिया है।

बॉलीवुड के 'ट्रेजडी किंग' दिलीप कुमार की प्रेम कहानियां, इन अभिनेत्रियों से रहा खास रिश्ता

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और ट्रेजडी किंग के नाम से मशहूर दिलीप कुमार मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिलीप कुमार ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। इस बीच उनके निधन की अफवाह भी उड़ा दी गयी। उनकी पत्नी और अभिनेत्री शायरा बानो ने अफवाहों

युसूफ खान कैसे बने बॉलीवुड के ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार....जानें! पूरी कहानी

भारत के लोग यूं तो दिलीप कुमार(Dilip Kumar) के बहुत बड़े फैन है मगर हम सब में से कितने लोग जानते है की मुहम्मद यूसुफ खान नाम का नौजवान कैसे बॉलीवुड का ट्रेजेडी किंग बना। जी हां, आज हम आपको बताएंगे उनका युसूफ खान से दिलीप कुमार बनने का सफर। 11 दिसंबर, 1922

107 वी जयंती: ख्वाजा अहमद अब्बास ‘आए एम नॉट आइलैंड'

ख्वाजा अहमद अब्बास की जिंदगी! उनके यहाँ समसामयिक घटना, रिपोर्ताज और कला-सृजन के अन्तराल लगभग मिट गये थे।

पत्रकारों पर हमलों को दोषियों को नहीं मिलती सजा, जानिए! क्या कहते हैं आंकड़े

'पत्रकारों के विरुद्ध अपराधों के मामलों में दण्ड निडरता की दर में मामूली गिरावट तो आई है लेकिन अब भी विश्व भर में ऐसे 87 फ़ीसदी मामले अनसुलझे हैं जबकि 99.9 प्रतिशत मामलों में पत्रकारों पर हमलों के आरोपियों को न्यायालय से ज़मानत मिली है।

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