हजारीबाग :
हजारीबाग के हुरहुरू स्थित 50 डिसमिल खासमहल जमीन को लेकर चल रहा विवाद अब प्रशासनिक कार्रवाई और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के विरोध से आगे बढ़कर साव परिवार के भीतर की प्रतिक्रियाओं को लेकर भी चर्चा में है। शुक्रवार को विवादित जमीन पर प्रशासन की पांचवीं कार्रवाई के दौरान योगेंद्र साव और अधिकारियों के बीच तीखी बहस की खबरों के बाद उनकी बेटी और कांग्रेस नेता अंबा प्रसाद की सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई। अंबा प्रसाद ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर अपने पिता की कथित व्यक्तिगत टिप्पणी को लेकर सार्वजनिक रूप से असहमति जताई। उनके बयान ने जमीन विवाद के बीच राजनीतिक और पारिवारिक दोनों स्तरों पर चर्चा को जन्म दिया है।
मुख्यमंत्री पर टिप्पणी को लेकर अंबा प्रसाद की प्रतिक्रिया
अंबा प्रसाद ने फेसबुक पर लिखा, “प्रशासनिक कार्यवाही के विरोध में संवैधानिक शिष्टाचार का उल्लंघन करते हुए, मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना, मेरे पिता से अपेक्षित नहीं था।” उनकी इस टिप्पणी को पिता योगेंद्र साव के बयान के एक हिस्से से सार्वजनिक असहमति के तौर पर देखा जा रहा है। अंबा प्रसाद ने अपनी पोस्ट में प्रशासन की कार्रवाई के औचित्य या जमीन पर अपने पिता के दावे को लेकर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने मुख्य रूप से मुख्यमंत्री के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी को लेकर आपत्ति जताई। इस वजह से उनकी पोस्ट को जमीन विवाद के बजाय बयान की भाषा और राजनीतिक शिष्टाचार पर केंद्रित प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
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विवादित जमीन पर पांचवीं बार पहुंची प्रशासन की JCB
हुरहुरू स्थित 50 डिसमिल विवादित जमीन को लेकर प्रशासन पहले भी कई बार कार्रवाई कर चुका है। 18 सितंबर की रिपोर्टों के अनुसार, इस जमीन पर पांचवीं बार JCB चलाए जाने का उल्लेख किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह जमीन खासमहल की है और उस पर अतिक्रमण किया गया है। वहीं, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव जमीन पर अपने दावे के समर्थन में दस्तावेजों और एग्रीमेंट का हवाला देते रहे हैं। जमीन के स्वामित्व और कब्जे को लेकर प्रशासन तथा योगेंद्र साव के पक्ष के बीच विवाद बना हुआ है। हालांकि, जमीन से जुड़े दावों और दस्तावेजों की वैधता का अंतिम निर्धारण संबंधित प्रशासनिक अथवा न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही स्पष्ट होगा।
जून से जारी है जमीन को लेकर विवाद
हुरहुरू की इस जमीन को लेकर विवाद की पृष्ठभूमि पुरानी बताई जा रही है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, जून से अगस्त के बीच जमीन पर घेराबंदी और निर्माण को लेकर कई बार प्रशासनिक हस्तक्षेप हुआ। प्रशासन की ओर से जमीन को सरकारी खासमहल भूमि बताया गया है। जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी खासमहल भूमि के पट्टा, नवीनीकरण और पुनर्ग्रहित भूमि से संबंधित अलग-अलग अभिलेख उपलब्ध कराए गए हैं। हालांकि, इन अभिलेखों में विवादित 50 डिसमिल जमीन से संबंधित कौन-सी विशिष्ट प्रविष्टि लागू होती है, यह संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्पष्ट किया जा सकता है।
कार्रवाई के दौरान योगेंद्र साव और अधिकारियों में बहस
शुक्रवार को प्रशासन की कार्रवाई के दौरान पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और अधिकारियों के बीच तीखी बहस की खबरें सामने आईं। इसी दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर योगेंद्र साव की कथित व्यक्तिगत टिप्पणी भी चर्चा में आई। इसके बाद अंबा प्रसाद ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने अपने पिता के जमीन संबंधी दावे या प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ कोई विस्तृत बयान नहीं दिया, बल्कि मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणी को अनुचित बताया। इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि हुरहुरू खासमहल जमीन विवाद अब केवल प्रशासनिक कार्रवाई और जमीन के दावे तक सीमित नहीं रहा है। मुख्यमंत्री पर टिप्पणी को लेकर सामने आई अंबा प्रसाद की प्रतिक्रिया ने इस मामले में एक अलग राजनीतिक और पारिवारिक पहलू भी जोड़ दिया है।