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वादा नौकरियों का था...बहानों का नहीं! 3 साल बीतने को हैं, कब आएगी पंचायत सचिव की अंतिम मेधा सूची

'हेमंत सरकार रोजगार के वादे के साथ जोर-शोर से सत्ता में आई थी। चुनावी रैलियों में कहा था कि प्रत्येक साल पांच लाख नौकरियां दी जायेंगी। चुनाव बाद सवाल पूछा गया तो कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने कहा कि नहीं, ऐसा घोषणापत्र में कहां लिखा था कि

क्या सच कोई बाहुबली था और थी उसकी महिष्मती नगरी! जानिये इतिहास की बातें

'महेश्वर अब गुजरे कल की गाथा सुनाते हुए कह रहा है कि 'देखो कल मेरी कैसी वैभवशाली झांकी थी, आज मैं अपनी पहचान को भी मोहताज़ हो गया हूं।'

देश का इकलौता हाथी गांव! जानिये कैसी है वहां खुशरंग जिंदगी, अनूठे प्रेम की दास्तां है यह

आमेर के हाथी गांव में खिल उठे महावतों के चेहरे, हाथी सजधजकर तैयार

अब पूछने लगे हैं झारखंड के युवा, डिअर चीफ मिनिस्टर, व्हेअर आर द जॉब्स ब्रो!

रोजगार मिला या कब मिलेगा। इसकी बात करेंगे लेकिन पहले ये जान लीजिए। 30 जून को पेयजल विभाग में कार्यरत 1118 कर्मियों की सेवा समाप्त हो जाएगी। मतलब कि ये लोग बेरोजगार हो जाएंगे। ये सभी लोग संविदा पर नियुक्त किए गए थे। भारत सरकार की नई योजना आई। स्वच्छ भारत म

दुमका: सरकारी दावों की काली सच्चाई! 'गड्ढे का गंदा पानी' पीने को विवश कोलाजोड़ा गांव के लोग

भारत की आजादी के 70 वर्ष और झारखंड गठन के 20 वर्ष पूरे होने के बाद आपकी कल्पना का गांव कैसा है। जाहिर है आपकी कल्पना के गांव में पक्की सड़क, पेजयल की समुचित सुविधा, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा और स्कूल होगा। अच्छी कृषि। सुखी जीवन। जीवन जीने के तमाम मूलभूत साध

Ground Report: गनइखाड़ गोलीकांड का सच क्या है? ग्रामीणों ने कहा- युवक को जंगल में ले जाकर गोली मार दी

लातेहार जिला के गारू थानाक्षेत्र अंतर्गत सरजू के गनइखाड़ जंगल में हुए गोलीकांड का मसला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को लेकर इलाके में काफी तनाव है। बताया जा रहा है कि सुरक्षाबलों द्वारा चलाई गई गोली से जिस युवक की मौत हो गई वो किसी नक्सली संगठन का सदस्य नह

हौसले की उड़ान: एक हाथ से बन गई नेशनल बैडमिंटन चंपियन, जानिये पलक की कहानी उनकी जुबानी

'माँ और पापा ने मुझे स्वतंत्र रहना सिखाया, मेरी पेंसिलों को तेज करने से लेकर मेरे फावड़ियों को बांधने तक।

गलवान घाटी में उस दिन हुआ क्या था! बीते 1 साल में भारत और चीन के बीच क्या बदला

15 जून 2020 की तारीख शायद ही कोई भुला सकता है। इस दिन भारत और चीन की सीमा पर कई हजार फीट ऊंची बर्फीली चोटियों पर भारतीय सेना के 20 जवानों ने देश की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान कर दिया। आज 15 जून 2021 है। गलवान घाटी की हिंसक झड़प की पहली बरसी। बीते 1

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