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बिहार में बाहुबली-2: कैसे बच निकले सूरजभान सिंह और कब चुकाया सम्राट ने पहला बदला

'बेगूसराय के सम्राट ने गंगा के पानी पर खींची थी अपने साम्राज्य की लकीर और जानिये सम्राट का इकलौता बदला

किताबों ने खोलीं जिंदगी और जहान की खिड़कियां, एक लेखक से जानिये कोर्स से अलग भी पढ़ना कितना जरूरी

'बचपन याद आता है, लगभग चार-पाँच साल से, तब से एक बात बहुत शिद्दत से याद आती है कि मुझे पढ़ने का बहुत शौक हुआ करता था

बिहार में बाहुबली-1: सबसे पहले कैसे पहुंची ए के 47 राइफल, जानिये अशोक शर्मा के सम्राट बनने की कहानी

''अशोक सम्राट बेगूसराय की रंगदारी के इतिहास के मिथकीय पुरुष की हैसियत रखते थे। उनके संबंध में ढेरों किस्से-कहानियाँ तब भी चलतीं थीं बैठकियों में, आज भी चलती हैं। उनके जलवे का कालखंड 87-88 से लेकर 94-95 तक रहा। इस दौरान उन्हें कमोबेश एकीकृत बिहार (जिसमें झ

क्‍यों नहीं सुलझ पा रहीं 'आत्‍महत्‍या' के कारणों की गुत्थियां, बता रहे हैं मनोचिकित्‍सक

आत्महत्या करना कायरता है या यह हिम्मत वालों का काम है? इस पर भी कई कई दिनों तक बहस की जा सकती है।

जब इंदिरा गांधी ने आंखों से आंख मिलाकर निक्सन से कहा था, भारत का अमेरिका बॉस नहीं!

'अठारह दिनों तक चले युद्ध की परिणति में पाकिस्तान से 1.0 लाख युद्धबंदी बनाये गए

तबीयत नासाज़ होने के बावजूद ट्रेजिडी किंग के शो में अचानक पहुंचने के संस्‍मरण पढ़िये और देखिये यादगार तस्‍वीरें

सारे जहाँ से अच्छा हिंदोस्तां हमारा के रचयिता अल्लामा इक़बाल की सौवीं बरसी पर आयोजित शो 'याद-ए-इक़बाल 'जो उर्दू-एकेडमी के सौजन्य से बम्बई (अब मुंबई) के बिड़ला 'मातुश्री हाल' में हो रहा था।

संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान से उठी स्‍वागत की बात के साथ सवाल की झड़ी भी

'संघ प्रमुख के देश और मुसलमान से संबंधित हालिया बयान पर भिन्‍न-भिन्‍न प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसका स्‍वागत कर रहे हैं, साथ ही सवाल भी उठा रहे हैं।

लद्दाख की इस लड़की के हौसले की चट्टानी कहानी

'हमारे गांव के स्कूल में केवल कक्षा 8 तक ही पढ़ाया जाता है, इसलिए अधिकांश बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। पीने का पानी लेने के लिए घंटों चढऩा पड़ता है।

समझना भूल है कि भाजपा के हटने से हालात बदल जायेंगे, करना होगा आत्म-मंथन

अखबार और टीवी पर अपढ़ मूर्ख विचारक बनकर राजनीति, अर्थ नीति और संस्कृति समझायेंगे और हम सुनने को विवश हैं।

धार्मिक कठमुल्लापन और जातिवाद के खिलाफ स्वामी विवेकानंद ने बोला था जिहाद

जातिवाद, अस्पृश्यता, स्त्री-पुरुष की बराबरी, वैज्ञानिकता, सर्वधर्मसम्भाव सम्बन्धी विवेकानंद के विचार अधुनातन हैं।

कवरेज एरिया से बाहर हैं तो कैसे करें मोबाइल चालू! ऐसी कई टिप्‍स जो आपको जानना जरूरी

आज सच दुनिया मुट्ठी में आ गई है। ऐसा मोबाइल के सबब संभव हो सका है। लेकिन जब यही मोबाइल काम करना बंद कर देता है, तो हम परेशान हो उठते हैं। क्योंकि मोबाइल मौजूदा दौर की सबसे मूलभूत जरूरत बन चुका है।

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