दरअसल मामला आजादी से पहले का है। 20 नवंबर 1937 को एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड की स्थापना हुई। कंपनी के रूप में इसका पंजीकरण किया गया। 9 सितंबर 1938 को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने नेशनल हेराल्ड अखबार की नींव रखी। इस अखबार में अक्सर जवाहरलाल नेहरू के लेख छपा करते थ
रिपोर्ट्स के मुताबिक रांची पुलिस की जांच में पता चला है कि हिंसा के लिए भीड़ जुटाने के लिए वासेपुर गैंग्स नाम का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था। इसी व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए 10 जून को जुम्मे की नमाज के बाद लोगों को जुटने को कहा गया था। इसी व्हाट्सएप ग्रुप के
इन दिनों सोशल मीडिया में एक वीडियों खूब वायरल हो रहा है। जिसपर लोग अपना खूब प्यार बरसा रहें है। वीडियो में एक महिला साड़ी पहने साइकिल चला रही है। साइकिल के पीछे लगे करियर पर उसका बच्चा एक प्लास्टिक की कुर्सी पर बैठा है जिसे करियर पर ही जोड़ा गया है। उसे द
ब्राजील के रियो से अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यूं कहते है कि बगल में छोरा, नगर में ढिंढोरा। मतलब ये कि पास की वस्तु का दूर जाकर ढूँढना। ऐसा ही कुछ हुआ है रियो में रहने वाले एक परिवार के साथ,उनकी कोई वस्तु तो नहीं लेकिन उनका पालतू कछुआ 30 साल पहले उनसे
भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपूर शर्मा को ये कहते हुए 6 साल के लिए निलंबित कर दिया कि हम किसी भी ऐसे बयान का समर्थन या प्रोत्साहन नहीं करते, जो किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हो। पार्टी ने कहा कि नुपूर शर्मा ने जो भी कहा, वो उन
इस दिन का उद्देश्य लोगों को साफ, सुरक्षित और पौष्टिक खाने के महत्व को बताना है और उनके प्रति जागरूक करना है। हर साल फास्ट फूड्स का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है और लोग कई तरह की बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि लोग अपनी बेहतर सेहत के ल
दिल्ली के राघवेन्द्र शर्मा ने UPSC में 340 रैंक प्राप्त किया है। हालांकि, उनकी तैयारी से लेकर सफलता तक का सफर आसान नहीं था। 24 साल के राघवेन्द्र ने इंटरनेट पर मौजूद स्टडी मटीरियल से तो कभी दोस्त से नोट्स मांगकर पढ़ाई की है। उन्होंने अपने मेहनत और लगन स
भारत में बेरोजगारी की समस्या से हर कोई वाक़िफ़ है। मगर आकड़े यह बताते हैं कि इस समस्या से जूझने में महिलाओ की संख्या ज्यादा हैं। देश की आधी आबादी यानी महिलाओं के रोजगार की समस्या बीते 5 साल में बढ़ी हैं। करीब सवा करोड़ महिलाओं का रोजगार छिना है। इसमें 25 लाख
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े खनन पट्टा लीज मामले को लेकर बीते करीब 1 महीने से झारखंड का माहौल गरमाया हुआ है। रोजगार, खतियान, भाषा और बिजली पानी के संकट पर चर्चा नहीं हो रही। मीडिया, सोशल मीडिया, घरों का डाइनिंग रूम हो या नुक्कड़ पर चाय की टपरी, हर जगह
दिन प्रति दिन झारखंड की नदियों का हाल बेहाल होता जा रहा है। इसके बाद बी आपको ये लग रहा है कि ये इस साल की गर्मी के कारण हो रहा है तो आपको ये बता दें कि ये मौसम नहीं बल्कि इंसानों की वजह से हुआ है। झारखंड की नदियां इतनी ज्यादा प्रदूषित हो गई हैं कि ना तो अ
20 मई को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को केंद्रीय निर्वाचन आयोग की नोटिस का जवाब देना है। यदि 20 मई के बाद चुनाव आयोग का फैसला खनन पट्टा लीज मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आता है। यदि ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के मामले में हेमंत सोरेन को दोषी करार देकर उनकी
एक पुरानी कहावत है- "हम यह धरती अपने बच्चों से उधार लेते हैं"। यानी वे संसाधन जिनका आज हम या तो इस्तेमाल करते हैं या दोहन कर रहे हैं वो हमारे आने वाली नस्ल की धरोहर है। अपने गांव या शहर की गलियारों में गुजरा वह बचपन याद कीजिए। पता नहीं चलता था कि अहले स