बिहार
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर बिहार की राजनीति में चर्चा तेज थी की वो डिप्टी सीएम बन सकते हैं। बुधवार को नए मुख्यमंत्री के रुप में सम्राट चौधरी साथ ही दो उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव को शपथ दिलाई गई। हालांकि निशांत कुमार से नई सरकार में शामिल होने को लेकर जब पूछा गया था तब उन्होंने खुद ही किनारा कर लिया। हालांकि निशांत कुमार का अंतिम क्षण में यह फैसला लेना बिहार की राजनीति में कई सवाल खड़े कर रहे हैं।

जनता के बीच पकड़ मजबूत
नई सरकार से किनारा करना सबको हैरान कर दिया है। बता दें कि हाल ही में उन्होंने राजनीति में अपना करियर शुरु किया है। इस दौरान कई पार्टी कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी भी निभाते हुए दिखे। अब ऐसा माना जा रहा है कि वे पहले जनता के बीच अपनी पकड़ को मजबूत करना चाहते हैं, ताकि भविष्य में वो बड़ी भूमिका निभा सकें। माना जा रहा है कि वे जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने की बजाय धीरे-धीरे अपना राजनीतिक कैरियर तैयार करना चाहते हैं।

सीएम के पाले में गृह समेत 29 विभाग
इधर, नए सीएम बनते ही सम्राट चौधरी ने अपना कामकाज में तेजी लाना शुरु कर दिया है। शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों के भीतर वे सचिवालय पहुंचे और अधिकारियों के साथ पहली बैठक की। आज गुरुवार को भी सभी विभागों के प्रधान सचिवों के साथ अहम समीक्षा बैठक कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए जा सकते हैं और सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्ट दिशा तय की जाएगी। फिलहाल, मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हुआ है। नए सीएम के पाले में गृह विभाग समेत 29 विभागों की जिम्मेदारी है। वहीं डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने भी आज से अपना कार्यभार संभाल लिया। बता दें कि इनके पाले में 10 विभाग सौंपे गए हैं। साथ ही डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव को 8 विभाग सौंपे गए हैं। कैबिनेट विस्तार के बाद ही विभागों का पुनर्वितरण किया जाएगा।