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आरक्षण के समर्थन में बोलते हुए चिराग पासवान ने क्यों किया मल्लिकार्जुन खड़गे का जिक्र!

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द फॉलोअप डेस्क:

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने फिर आरक्षण विरोधी आंदोलन के बीच अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि क्या किसी के कहने या चाहने भर से आरक्षण खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह एक संवैधानिक अधिकार है।  चिराग पासवान ने कहा कि आरक्षण  कोई खैरात नहीं है, जो किसी को दी जाती है, बल्कि यह संवैधानिक अधिकार है और दुनिया की कोई भी ताकत इसे खत्म नहीं कर सकती। चिराग पासवान ने कहा कि जो लोग इसे खत्म करने के बारे में सोचते हैं, चाहे वह समीक्षा हो या सुधार के जरिए, वे शायद यह नहीं समझते कि आरक्षण क्यों जरूरी है? गौरतलब है कि रविवार को भी चिराग पासवान ने कहा था कि जब तक वे जिंदा हैं, आरक्षण या संविधान को कोई खतरा नहीं है।

 

मल्लिकार्जुन खड़गे का क्यों दिया उदाहरण
चिराग पासवान ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ क्या हुआ, देखिए! उनके जाने के बाद मंच को शुद्ध किया गया था। उन्होंने कहा कि आज भी एक दलित युवक को घोड़े पर चढ़ने से रोका जाता है। एक दलित लड़के को शादी का जुलूस निकालने से रोका जाता है। जब बड़े नेता मंदिर जाते हैं तो कभी-कभी परिसर को गंगाजल से धोया जाता है। उन्होंने कहा कि यह भेदभाव बना हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वही अनुसूचित जातियां ही छुआछूत का शिकार रही हैं। भेदभाव आज भी मौजूद है। 

चिराग पासवान ने कहा कि मैं पूरे यकीन के साथ कह सकता हूं कि जब तक मैं यहां हूं और जब तक रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान सरकार का हिस्सा हैं, मैं कभी भी इस व्यवस्था को कमजोर नहीं होने दूंगा। 

Tags - Chirag PaswanReservationLJP (Ram Vilas)Bihar News